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ऑटो चालकों को हाईकोर्ट ने दिया एक बड़ा झटका

Mon, 18 Jan 2016 09:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 18 Jan 2016 09:31 PM IST
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highcourt order, no cab permit to diesal auto drivers

पंजाब के डीजल ऑटो चालकों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। अब उन्हें कैब परमिट नहीं मिलेगा। हाईकोर्ट ने यह सख्ती डीजल ऑटो को परमिट देने पर पहले लगाई गई रोक के बावजूद राज्य स्तरीय परमिट शुरू करने के कारण बरती है।

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एक याचिका में हाईकोर्ट का ध्यान आकर्षित किया गया था कि पंजाब में प्रदूषण के मद्देनजर डीजल ऑटो पर जहां हाईकोर्ट नए परमिट जारी करने पर प्रतिबंध लगा चुका था, वहीं पंजाब सरकार प्रदेश में ऑटो संचालन के लिए मैक्सी परमिट जारी कर रही है।
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इसे लुधियाना की ऑटो रिक्शा एसोसिएशन ने एडवोकेट सरदविंदर गोयल के माध्यम से चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट की बेंच ने ट्रांस्पोर्ट सेक्रेटरी और कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने जवाब के लिए समय की मांगा।
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उधर, याचिकाकर्ता ने नए परमिट देने पर रोक लगाने की मांग की थी। बेंच ने सरकार को समय तो दे दिया, लेकिन साथ ही डीजल ऑटो को मैक्सी कैब के नए परमिट देने पर रोक लगा दी।

दायर याचिका में कहा था कि अकेले लुधियाना डीटीओ कार्यालय से 752 ऑटो रिक्शा को समूचे प्रदेश में चलने के लिए मैक्सी कैब परमिट जारी कर दिए गए। यह ऑटो लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में धड़ल्ले से चल रहे हैं।

उधर, कोई भी ऑटो कारपोरेशन या निकाय की 10 किलोमीटर परिधि में ही चल सकते हैं और हाईवे पर ऑटो चलने का नियमानुसार सवाल ही पैदा नहीं होता। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अतुल ऑटो कंपनी को कथित लाभ पहुंचाने के लिए मैक्सी कैब परमिट जारी किए गए हैं।

यह डीजल ऑटो हैं, लिहाजा प्रदूषण के मद्देनजर डीजल ऑटो को परमिट जारी करने पर रोक के आदेश का सीधा उल्लंघन है। याचिका में बेंच को यह भी बताया था कि गैर कानूनी परमिट लेकर यह ऑटो न केवल हाईवे पर दौड़ रहे हैं, बल्कि लुधियाना, जालंधर और अमृतसर की एमसी लिमिट में संबंधित एमसी के ऑटो चालकों से प्रतियोगितावाद में कारोबार को भी प्रभावित कर रहे हैं।

मैक्सी कैब परमिट वाले ऑटो चालकों की कोई जांच नहीं हो रही। यह भी याचिका में कहा था कि हाईकोर्ट की ओर से परमिट देने पर रोक के बावजूद जिन ऑटो को मैक्सी कैब परमिट दिया गया, वह ड्राइवर समेत चार सवारी वाले ऑटो हैं, लेकिन मैक्सी कैब परमिट छह सवारी वाले वाहन बताकर हासिल किए गए।


यह भी कहा गया कि डीजल ऑटो को नए परमिट से प्रदूषण में भी वृद्धि हो रही है। हाईकोर्ट की बेंच ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार से एक हफ्ते में जवाब मांगा था।

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