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16 हजार करोड़ में तो गुरुग्राम दुनिया की बेस्ट सिटी बन जाता: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Feb 2017 01:46 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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एक्सट्रा डेवलपमेंट चार्ज के रूप में हरियाणा की ओर से 15 साल में खर्च किए गए 16 हजार करोड़ के ब्यौरे पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि इतने में तो शहर दुनिया की बेस्ट सिटी बन जाता, पर यहां तो लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सरकार की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से अगली सुनवाई तक सभी विकास कार्यों का ब्यौरा मांगा है। साथ ही वर्तमान में हो रहे विकास कार्र्यों के पूरा होने का समय और गुरुग्राम डेवलपमेंट अथॉरिटी के गठन से जुड़ी सभी जानकारी हलफनामे में देने के आदेश दिए हैं।
वीरवार को हरियाणा सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल बीआर महाजन ने सरकार के पक्ष में दलीलें दीं। हरियाणा सरकार और हुडा का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्य गुरुग्राम में तेजी से किए जा रहे हैं और इसी वजह से लोगों को और बेहतर सुविधाएं मिलनी आरंभ हो गई हैं।
हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील से असहमति जताते हुए कहा कि दो घंटे की बारिश सरकार के सभी दावों की पोल खोलने केलिए काफी है। हाईकोर्ट ने कहा कि लगता है कि सभी भूल गए कि कैसे बारिश के चलते सड़कें पानी से लबालब भर गई थीं, दो दिन लोगों ने अपनी कार में बिताए, सारा शहर नदी में तब्दील हो गया था।
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वीरवार को हरियाणा सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल बीआर महाजन ने सरकार के पक्ष में दलीलें दीं। हरियाणा सरकार और हुडा का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्य गुरुग्राम में तेजी से किए जा रहे हैं और इसी वजह से लोगों को और बेहतर सुविधाएं मिलनी आरंभ हो गई हैं।
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हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील से असहमति जताते हुए कहा कि दो घंटे की बारिश सरकार के सभी दावों की पोल खोलने केलिए काफी है। हाईकोर्ट ने कहा कि लगता है कि सभी भूल गए कि कैसे बारिश के चलते सड़कें पानी से लबालब भर गई थीं, दो दिन लोगों ने अपनी कार में बिताए, सारा शहर नदी में तब्दील हो गया था।
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गुरुग्राम को जीडीए के अलावा मिला ही क्या?
हरियाणा सरकार से जीडीए और अभी तक किए गए सभी विकास कार्यों का ब्यौरा तलब
- फोटो : File Photo
महाजन ने कहा कि स्थिति को देखते हुए हरियाणा सरकार की ओर से इस दिशा में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इस बार मानसून से पहले शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कर दिया जाएगा। गुरुग्राम के तेजी से विकास के लिए गुरुग्राम डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया गया है। यह अथॉरिटी गुरु ग्राम को समर्पित होकर कार्य करेगी।
7 हजार करोड़ के घाटे से शुरू होगा विकास
हाईकोर्ट में याची के वकील ने बताया कि गुरुग्राम के विकास के लिए गुरुग्राम डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन करने की तैयारी है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखें तो सरकार विकास के नाम पर अथॉरिटी को 7 हजार करोड़ का घाटा सौंपेगी। हरियाणा सरकार ने कहा कि ऐसा कोई घाटा नहीं दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि क्या यह बात हलफनामे पर दी जा सकती है तो इस पर कोई जवाब नहीं आया।
गुरुग्राम को जीडीए के अलावा मिला ही क्या?
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा कि 16 हजार करोड़ का खर्च होने के बावजूद लोगों को अपने पंप लगाकर पानी लेना पड़े, सीवरेज व्यवस्था न होने के चलते हर इमारत का अपना सेफ्टिक टैंक हो, अन्य व्यवस्थाओं केलिए भी अपने स्तर पर प्रयास करना पड़े तो ऐसे शहर में कैसा विकास हुआ है। हाईकोर्ट ने कहा कि ईडीसी के रूप में पैसा देने के बाद भी लोगों को सुविधाएं नहीं मिलीं तो क्यों न यह पैसा उन्हें रिफंड कर दिया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए जाएं।
7 हजार करोड़ के घाटे से शुरू होगा विकास
हाईकोर्ट में याची के वकील ने बताया कि गुरुग्राम के विकास के लिए गुरुग्राम डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन करने की तैयारी है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखें तो सरकार विकास के नाम पर अथॉरिटी को 7 हजार करोड़ का घाटा सौंपेगी। हरियाणा सरकार ने कहा कि ऐसा कोई घाटा नहीं दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि क्या यह बात हलफनामे पर दी जा सकती है तो इस पर कोई जवाब नहीं आया।
गुरुग्राम को जीडीए के अलावा मिला ही क्या?
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा कि 16 हजार करोड़ का खर्च होने के बावजूद लोगों को अपने पंप लगाकर पानी लेना पड़े, सीवरेज व्यवस्था न होने के चलते हर इमारत का अपना सेफ्टिक टैंक हो, अन्य व्यवस्थाओं केलिए भी अपने स्तर पर प्रयास करना पड़े तो ऐसे शहर में कैसा विकास हुआ है। हाईकोर्ट ने कहा कि ईडीसी के रूप में पैसा देने के बाद भी लोगों को सुविधाएं नहीं मिलीं तो क्यों न यह पैसा उन्हें रिफंड कर दिया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए जाएं।