फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   highcourt on cps salary

हाईकोर्ट ने मंत्रियों और CPS का वेतन पूछा तो सरकार ने बताई सेलरी, जानिए कितनी है

Fri, 31 Mar 2017 09:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 31 Mar 2017 09:27 AM IST
विज्ञापन
highcourt on cps salary
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
हरियाणा के चार मुख्य संसदीय सचिव अब सरकार के गले की फांस बन गए हैं। सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से इनकी नियुक्ति के लिए किस कानूनी अधिकार का इस्तेमाल किया गया, यह सवाल हरियाणा सरकार के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। वीरवार को करीब डेढ़ घंटे चली सुनवाई के बावजूद हरियाणा सरकार कानूनी अधिकार के सवाल पर हाईकोर्ट को संतुष्ट नहीं कर पाई। इसके उलट सैलरी के माध्यम से सीपीएस को मंत्रियों से अलग बताने का हरियाणा सरकार का दांव उल्टा पड़ गया। 
विज्ञापन


हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि सीपीएस मंत्री नहीं हैं और न ही उन्हें मंत्रियों की सुविधाएं दी जाती हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल पूछा कि मंत्रियों को कितना वेतन दिया जाता है, इसके जवाब में हरियाणा सरकार ने बताया कि मंत्रियों का वेतन 50 हजार व भत्ते अतिरिक्त हैं।  हाईकोर्ट ने पूछा कि सीपीएस का वेतन कितना है, इसका जवाब देते हुए हरियाणा सरकार ने बताया कि सीपीएस का वेतन 50 हजार व भत्ते अतिरिक्त हैं। हाईकोर्ट ने पूछा कि जब दोनों को 50 हजार का वेतन मिलता है और भत्ते अतिरिक्त हैं तो ऐसी स्थिति में मंत्रियों और सीपीएस में क्या फर्क है। 
विज्ञापन

 

वेतन एक है पर वेतन के लिए बनाए गए प्रावधान अलग

highcourt on cps salary
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
हरियाणा सरकार ने कहा कि मंत्रियों के वेतन और भत्तों का निर्धारण हरियाणा सैलरी एंड अलाउंस ऑफ मिनिस्टर एक्ट के तहत होता है, जबकि सीपीएस के वेतन और भत्ते राज्यपाल की ओर से निर्धारित किए गए हैं। हाईकोर्ट ने पूछा कि किस कानूनी अधिकार के तहत सीपीएस के वेतन और भत्ते निर्धारित किए गए। इस पर हरियाणा सरकार लंबी दलीलों के बाद भी हाईकोर्ट को संतुष्ट नहीं कर पाई और इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई को सोमवार तक के लिए टालते हुए इस विषय पर जवाब देने के आदेश दिए हैं।

प्रावधान पर फंसा है पेंच
हाईकोर्ट ने वीरवार को हरियाणा सरकार से पूछा कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री और जजों तक की नियुक्ति के लिए कानूनी प्रावधान की आवश्यकता होती है। इन प्रावधानों का पालन करते हुए ही इन पदों पर नियुक्ति दी जा सकती है। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर सीपीएस की नियुक्ति के लिए कौन से कानूनी प्रावधान का इस्तेमाल किया गया है।

याचिकाकर्ता जगमोहन सिंह भट्टी ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार इस मामले को लटकाना चाहती है, जबकि हाईकोर्ट पहले ही पंजाब सरकार की ओर से नियुक्त मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति को असंवैधानिक करार देते हुए रद कर चुका है। ऐसे में पंजाब के आदेशों को आधार बना हरियाणा के चारों सीपीएस के पदों को अवैध घोषित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed