हाईकोर्ट ने मांगी तस्करों और नशेड़ियों की सूची
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पंजाब में ड्रग तस्करी के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रदेश सरकार को अब तक गिरफ्तार किए गए ड्रग तस्करों और ड्रग एडिक्ट लोगों की सूची पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही चीफ जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अजय तिवारी की डिविजन बेंच ने पंजाब सरकार से पूछा है कि ड्रग तस्करी में वांछित एनआरआईज के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
जनहित याचिका में मांग की गई है कि प्रदेश में ड्रग तस्करी के पूरे मामले की जांच का काम सीबीआई के सुपुर्द किया जाए।
याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट नवकिरन सिंह ने अदालत से कहा कि पंजाब पुलिस अब तक 10 हजार व्यक्तियों को ड्रग मामले में गिरफ्तार कर चुकी है और कई लोगों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कुछ नशेड़ियों को नशा मुक्ति कें द्रों में भी भरती कराया है।
याची का आरोप, सरकार से जुड़े हैं ड्रग तस्कर
सोमवार को अदालत में पैरवी के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार से जुड़े कई असरदार लोग ड्रग तस्करी में शामिल हैं, लेकिन पंजाब पुलिस अब तक किसी का नाम सामने नहीं ला सकी है।
उधर, पंजाब सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल अशोक अग्रवाल ने अदालत से कहा कि इस मामले में जांच सही दिशा में चल रही है।
इस मामले में एडवोकेट नवकिरन सिंह को सहयोग दे रहे फिरोजपुर के पूर्व कांग्रेसी सांसद जगमीत सिंह बराड़ ने अदालत से कहा कि सीबीआई जांच की मांग पर पंजाब सरकार दलील देती रही है कि केंद्र में यूपीए की सरकार है और ऐसे में सीबीआई पर पंजाब के राजनेताओं से द्वेष के कारण दबाव बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अब केंद्र में शिअद के सहयोगी दल भाजपा की सरकार है। ऐसे में अब सीबीआई जांच कराने में कोई दिक्कत पेश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि ड्रग तस्करी में केवल पंजाब के सत्तापक्ष से जुड़े लोगों के नाम ही नहीं उछल रहे, बल्कि कांग्रेसी नेताओं के नाम भी उछले हैं।
ईडी के कमिश्नर को सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश
इनफोर्समेंट डायरेक्टर (ईडी) की ओर से केस में हाजिर एडवोकेट सुखदीप सिंह संधू ने अदालत को बताया कि इस मामले में जांच कर रही ईडी के कमिश्नर निरंजन सिंह को जनवरी में सुरक्षा देने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक पंजाब सरकार ने सुरक्षा मुहैया नहीं कराई है। इस पर हाईकोर्ट ने ईडी के कमिश्नर को तुरंत सुरक्षा प्रदान करने का आदेश भी दिए।