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हाईकोर्ट का आदेश, गुरुपर्व पर भी 6:30 से 9:30 बजे के बीच ही जला सकेंगे पटाखें

Thu, 02 Nov 2017 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 02 Nov 2017 09:10 AM IST
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Highcourt allows bursting of firecrackers for 3 hours on Gurpurab
- फोटो : सांकेतिक चित्र
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने पटाखे जलाने पर रोक जारी रखते हुए दिवाली की ही तरह गुरुपर्व पर भी साढ़े तीन घंटे जलाने की अनुमति दी है। कोर्ट ने बैन को आगे बढ़ाते हुए गुरुपर्व पर शाम साढ़े 6 बजे से रात साढ़े 9 बजे तक का पटाखे जलाने के लिए समय निर्धारित किया है। हाईकोर्ट के जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस अमित रावल की खंडपीठ ने कहा कि गुरुपर्व पर पटाखा बेचने के लिए केवल वही लोग अधिकृत होंगे जिन्हें दिवाली पर लाइसेंस दिया गया था।
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मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा व पंजाब सरकार ने आतिशबाजी के मसले पर हाईकोर्ट के आदेश की दिवाली पर हुए पालन पर स्टेटस रिपोर्ट दायर की। दोनों सरकारों ने कोर्ट को बताया कि जिला अधिकारियों को हाईकोर्ट के आदेश के पालन के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे। नुक्कड़ नाटक, मीडिया और पंचायत के माध्यम से कोर्ट के आदेश के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। दोनो सरकारों ने राज्य में दर्ज मामले व उठाए गए कदमों की भी कोर्ट को जानकारी दी। 
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Highcourt allows bursting of firecrackers for 3 hours on Gurpurab
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
एमिकस क्यूरी ने सिंगल बेंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
पटाखों के लाइसेंस जारी करने के को लेकर डिवीजन बेंच के आदेशों के खिलाफ  सिंगल बेंच के आदेशों को लेकर पैदा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई पर इस बारे में बहस होगी कि सिंगल बेंच का आदेश डिवीजन बेंच के आदेशों की अवमानना है या नहीं।

बहस के दौरान एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि चाहे जज हो या अधिकारी कानून के सब के लिए एक है। साफ संकेत दिया जाना चाहिए कि जब हाईकोर्ट एक डीसी, वकील के खिलाफ अवमानना के तहत कार्रवाई कर सकता है जो हाईकोर्ट जज को कैसे छोड़ा जा सकता है। एमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता ने जस्टिस कर्णन का हवाला देकर बताया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जस्टिस कर्णन के खिलाफ अवमानना के तहत सजा सुनाई तो हाईकोर्ट ऐसा क्यों नहीं कर सकता।
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