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दोबारा हो लर्निंग लेवल एसेसमेंट टेस्ट: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 03 Jul 2014 01:08 PM IST
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राष्ट्रीय स्तर पर मेधावी छात्रों के वजीफे की खोज (लर्निंग लेबल एसेस्टमेंट टेस्ट) के लिए हरियाणा स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा पिछले साल 17 नवंबर को आयोजित परीक्षा में धांधली के कारण दोबारा परीक्षा कराने का फैसला हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार पर छोड़ दिया है।
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इस मामले में एनसीईआरटी ने अर्जी दायर कर आगे की प्रक्रिया जारी करने की छूट मांगी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया। परीक्षा से कुछ दिन पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी और हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा पर रोक लगा दी थी।
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जस्टिस जीएस संधावालिया ने अब इस मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरियाणा को यह परीक्षा दोबारा आयोजित करनी होगी। परीक्षा कब और कैसे आयोजित हो, फैसला हरियाणा सरकार को करना है। हरियाणा सरकार ने इसके लिए समय मांगा।
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हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई नौ जुलाई निश्चित करते हुए हरियाणा सरकार को फैसला लेकर सूचित करने का निर्देश दिया है। एनसीईआरटी ने हाईकोर्ट से पिछले आदेश में संशोधन का आग्रह किया, लेकिन बेंच ने इसे खारिज करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के फैसले के बाद ही अगली कार्रवाई की जा सकेगी।
तीन स्कूलों के ही 76 छात्र हुए पास
उल्लेखनीय है कि अरुंधति दीक्षित एवं अन्य ने याचिका में कहा था कि हरियाणा स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा आयोजित कराई गई परीक्षा में धांधली हुई। 85 छात्रों के चयन केलिए परीक्षा में राज्य से 15737 छात्र अपीयर हुए थे, लेकिन जब परिणाम आया तो अकेले तीन स्कूलों से 76 छात्र उत्तीर्ण हुए थे । 11 छात्रों को अंक बराबर होने के कारण उत्तीर्ण दर्शाया गया था।
एक सेंटर के 53, बाकी राज्य से मात्र 23 छात्र उत्तीर्ण रहे
जिन तीन स्कूलों के 76 छात्र उत्तीर्ण रहे थे, उनमें 53 छात्र महेंद्रगढ़ के एक ही परीक्षा केंद्र के थे, जबकि पूरे राज्य से केवल 23 छात्र उत्तीर्ण हुए। यही नहीं इन तीन स्कूलों ने परिणाम घोषित होने से एक दिन पहले ही विज्ञापन देकर अपने स्कूलों के छात्रों का परिणाम अखबारों में प्रकाशित करवा दिया था। इस मामले की जांच शिक्षा सचिव सुरीना राजन ने की थी और हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में कहा था कि इन तीन परीक्षा केंद्रों में या तो बड़े स्तर पर नकल हुई या फिर स्टाफ ने ड्यूटी में कोताही बरती।