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पंजाबः कैप्टन के दो मंत्रियों के बीच घमासान, राहुल गांधी तक पहुंचा मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 21 Jul 2018 09:19 AM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब के दो कैबिनेट मंत्रियों के बीच छिड़ी जंग ने जहां मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं दोनों मंत्रियों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ की जा रही खुली बयानबाजी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पास भी पहुंच गई है। राहुल गांधी ने इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के समक्ष नाखुशी जाहिर की है। कैप्टन अमरिंदर कैबिनेट के दो दिग्गज मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा इन दिनों आमने-सामने हैं। सूबे में अवैध कालोनियों को नियमित किए जाने को लेकर बनाई जा रही नीति ने दोनों मंत्रियों को सियासी दुश्मन की तरह आमने-सामने खड़ा कर दिया है।
मुख्यमंत्री द्वारा गठित सब कमेटी का नेतृत्व करते हुए नवजोत सिद्धू ने नई नीति का एलान किया तो तृप्त बाजवा ने उसे दरकिनार करते हुए दो दिन पहले एक बैठक बुलाकर अपनी ओर से एक नई नीति की घोषणा कर दी। इसके बाद दोनों मंत्रियों के बयानों में शब्दावली का स्तर भी गिर गया। नवजोत सिद्धू ने एक इंटरव्यू में किसी का नाम लिए बिना कहा कि वह पंजाब को कुत्तों के सहारे नहीं छोड़ सकते। इसके जवाब में बाजवा का भी तल्ख जवाब आया कि सिद्धू बताएं कि उन्होंने कुत्ता किसे कहा है। सिद्धू एक क्रिकेटर भी रहे हैं और अब सियासत में हैं। उन्हें घटिया शब्दावली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
दोनों मंत्रियों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ की जा रही इस बयानबाजी ने कैप्टन सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। हालांकि प्रदेश कांग्रेस नेताओं के बीच ऐसी घटनाएं पहली भी होती रही हैं और कैप्टन बार-बार कांग्रेस नेताओं को संयम बरतने की ताकीद करते रहे हैं। फिलहाल इस मामले में कैप्टन ही चुप नहीं है बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी कोई प्रतिक्रिया देने को तैयार नहीं हैं। प्रदेश कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने नाम न छापने की शर्त पर इतना ही बताया कि हाईकमान की तरफ से पंजाब में पार्टी की अंदरूनी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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यह सारा मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के ध्यान में लाया जा चुका है। इस सीनियर नेता ने सुनील जाखड़ की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेशाध्यक्ष को दोनों मंत्रियों से मिलकर विवाद शांत करना चाहिए लेकिन वे इस मामले में कुछ नहीं कर रहे। उधर, मुख्यमंत्री के सलाहकारों में से एक नेता ने बताया कि कैप्टन जल्दी ही दोनों मंत्रियों को बुलाकर इस मुद्दे पर बात करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि हाईकमान की तरफ से भी कैप्टन के ध्यान में यह मामला लाया गया है कि खुलेआम बयानबाजी से पार्टी की छवि पर असर पड़ेगा।
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मुख्यमंत्री द्वारा गठित सब कमेटी का नेतृत्व करते हुए नवजोत सिद्धू ने नई नीति का एलान किया तो तृप्त बाजवा ने उसे दरकिनार करते हुए दो दिन पहले एक बैठक बुलाकर अपनी ओर से एक नई नीति की घोषणा कर दी। इसके बाद दोनों मंत्रियों के बयानों में शब्दावली का स्तर भी गिर गया। नवजोत सिद्धू ने एक इंटरव्यू में किसी का नाम लिए बिना कहा कि वह पंजाब को कुत्तों के सहारे नहीं छोड़ सकते। इसके जवाब में बाजवा का भी तल्ख जवाब आया कि सिद्धू बताएं कि उन्होंने कुत्ता किसे कहा है। सिद्धू एक क्रिकेटर भी रहे हैं और अब सियासत में हैं। उन्हें घटिया शब्दावली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
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दोनों मंत्रियों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ की जा रही इस बयानबाजी ने कैप्टन सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। हालांकि प्रदेश कांग्रेस नेताओं के बीच ऐसी घटनाएं पहली भी होती रही हैं और कैप्टन बार-बार कांग्रेस नेताओं को संयम बरतने की ताकीद करते रहे हैं। फिलहाल इस मामले में कैप्टन ही चुप नहीं है बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी कोई प्रतिक्रिया देने को तैयार नहीं हैं। प्रदेश कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने नाम न छापने की शर्त पर इतना ही बताया कि हाईकमान की तरफ से पंजाब में पार्टी की अंदरूनी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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यह सारा मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के ध्यान में लाया जा चुका है। इस सीनियर नेता ने सुनील जाखड़ की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेशाध्यक्ष को दोनों मंत्रियों से मिलकर विवाद शांत करना चाहिए लेकिन वे इस मामले में कुछ नहीं कर रहे। उधर, मुख्यमंत्री के सलाहकारों में से एक नेता ने बताया कि कैप्टन जल्दी ही दोनों मंत्रियों को बुलाकर इस मुद्दे पर बात करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि हाईकमान की तरफ से भी कैप्टन के ध्यान में यह मामला लाया गया है कि खुलेआम बयानबाजी से पार्टी की छवि पर असर पड़ेगा।