{"_id":"65b35fa47ef57b60ad00b484","slug":"high-court-strongly-reprimanded-hisar-dc-for-not-following-order-to-free-bonded-labourers-2024-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Highcourt: बंधुआ मजदूरों को छुड़ाने के आदेश का पालन नहीं, हिसार डीसी से सवाल- क्या अवमानना की कार्रवाई करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Highcourt: बंधुआ मजदूरों को छुड़ाने के आदेश का पालन नहीं, हिसार डीसी से सवाल- क्या अवमानना की कार्रवाई करें
Fri, 26 Jan 2024 01:01 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 26 Jan 2024 01:01 PM IST
सार
हिसार निवासी रवि ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा था कि उसके कुछ रिश्तेदारों को ईंट भट्ठा मालिक दिहाड़ी पर साथ लेकर गए थे लेकिन न उनके पैसे दिए गए और न उन्हें बाहर जाने दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने हिसार डीसी को तीन जनवरी को कार्रवाई के आदेश दिए थे। इन आदेशों के पालन न होने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई।
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बंधुआ मजदूरों को छुड़वाने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने पर हाईकोर्ट ने हिसार के डीसी को जमकर फटकार लगाई है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि डीसी के मन मे न्यायालय व उसके आदेश के लिए कोई सम्मान नहीं है। ऐसे में वह बताएं कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हिसार निवासी रवि ने एडवोकेट सर्वेश गुप्ता के माध्यम से बताया था कि उसके कुछ रिश्तेदारों को ईंट भट्ठा मालिक जून में दिहाड़ी पर अपने साथ लेकर गए थे। इसके बाद न तो उन्हें पैसे दिए गए और न ही वहां से बाहर जाने दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में 3 जनवरी को हिसार के डीसी को आदेश दिया था कि इस याचिका को बंधुआ मजदूरी निरोधक अधिनियम के तहत शिकायत मानते हुए बंधक बनाए मजदूरों को छुड़वाया जाए।
विज्ञापन
याची ने बताया कि इस आदेश के बारे में डीसी को 4 जनवरी को जानकारी दे दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर हाईकोर्ट ने 15 जनवरी को डीसी को इस पर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया था। अपने जवाब में उन्होंने बताया कि 20 दिसंबर को उन्हें इस संदर्भ में रिपोर्ट मिल चुकी थी और इसे उन्होंने एडवोकेट जनरल को भेज दिया था।
हाईकोर्ट ने डीसी उत्तम सिंह के हलफनामे को देखने के बाद कहा कि यह हलफनामा अभिमान के साथ और बेहद अनौपचारिक रूप से लिखा गया है। 3 जनवरी के आदेश का पालन दिखाने के लिए 20 दिसंबर की रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि डीसी के मन में न्यायालय के लिए सम्मान मौजूद नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट ने डीसी को अवमानना नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने बंधुआ मजदूरों को छुड़वाने के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर दिया है।