फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court said it is necessary to deal with those who cheat the court

Punjab: हाईकोर्ट ने कहा- अदालत से धोखा करने वालों से निपटना जरूरी, पंडित और मंदिर की जांच करें कमिश्नर

Fri, 05 Jan 2024 12:47 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 05 Jan 2024 12:47 AM IST
सार

विवाह प्रमाणपत्र जारी करना एक पंडित को भारी पड़ गया। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को मामले की जांच करने का आदेश दिया। दरअसल, प्रमाण पत्र पर जारी करने की तारीख नहीं लिखी है। इसी बात पर हाईकोर्ट को शक हुआ। 

विज्ञापन
High Court said it is necessary to deal with those who cheat the court
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जालंधर के आर्य समाज मंदिर में हुए प्रेमी जोड़े के विवाह के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बताया गया कि इसे सरकार की ओर से कोई मान्यता नहीं है। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अदालत से धोखा करने वालों से निपटना जरूरी है और ऐसे में जालंधर के पुलिस कमिश्नर इस मामले की जांच करें।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए प्रेमी जोड़े ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। याचिका में बताया गया कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं और 21 दिसंबर को परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर दोनों ने विवाह किया था। विवाह के प्रमाण के रूप में पंडित सुभाष चंद्र की ओर से जारी किया गया मैरिज सर्टिफिकेट भी पेश किया गया था। इस सर्टिफिकेट को देखते ही कोर्ट को शक हुआ और पाया गया कि इस पर जारी करने की तारीख मौजूद नहीं है।
विज्ञापन


इसके बाद हाईकोर्ट ने इस पर दो गवाहों के हस्ताक्षर देखे और विवाह की फोटो देखी। कोर्ट ने पूछा कि दोनों गवाह फोटो में मौजूद क्यों नहीं है जिस का याची पक्ष जवाब नहीं दे सका। हाईकोर्ट ने पाया कि लड़की अभी दो माह पहले ही बालिग हुई है और ऐसे में कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच जरूरी है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने कपूरथला के एसएसपी को आदेश दिया है कि वह पंडित की जांच कर बताएं कि क्या पंडित विवाह करवाने और प्रमाणपत्र जारी करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही विवाह के स्थान और बाकी तथ्यों के बारे में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुवार को सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से बताया गया कि मंदिर को विवाह करवाने के लिए किसी संस्थान से मान्यता नहीं है। विवाह जालंधर में हुआ था और ऐसे में वहां के पुलिस कमिश्नर के अधिकार क्षेत्र में है। हाईकोर्ट ने इस पर अब जालंधर के पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि वह जांचे कि विवाह हिंदू मैरिज एक्ट के अनुसार हुआ है या नहीं। इसके साथ ही मंदिर व पुजारी को लेकर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed