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सरकारी स्कूल के बच्चों को हाईकोर्ट की सीख: वकील करने 40 किमी आ सकते हैं तो परीक्षा के लिए 27 किमी क्यों नहीं
Fri, 14 Feb 2025 12:42 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 14 Feb 2025 12:42 PM IST
सार
प्रतिभा कौशिक ने हाईकोर्ट को बताया कि उनका स्कूल उनके क्षेत्र का एकमात्र सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूल है। दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं सीबीएसई आयोजित करने जा रहा है। उनका सेंटर पंचकूला का अमरावती विद्यालय सीनियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाया गया है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मोरनी के गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों को झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके ही स्कूल में परीक्षा आयोजित करने का निर्देश जारी करने की मांग खारिज कर दी।
27 किलोमीटर दूर सेंटर होने की दलील पर कोर्ट ने कहा कि आप वकील करने 40 किलोमीटर आ सकते हो तो परीक्षा के लिए इतनी दूरी क्यों अधिक लग रही है।
याचिका दाखिल करते हुए प्रतिभा कौशिक ने हाईकोर्ट को बताया कि उनका स्कूल उनके क्षेत्र का एकमात्र सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूल है। दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं सीबीएसई आयोजित करने जा रहा है। उनका सेंटर पंचकूला का अमरावती विद्यालय सीनियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाया गया है। मोरनी पहाड़ी क्षेत्र है और यह स्कूल उनके स्कूल से 40 किलोमीटर दूर है। ऐसे में उनके स्कूल को ही उनका सेंटर बनाया जाना चाहिए।
सीबीएसई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि बहुत से पहलुओं पर विचार के बाद विशेषज्ञ सेंटर तय करते हैं। साथ ही यह भी बताया कि मोरनी से यह स्कूल 40 नहीं बल्कि 27 किलोमीटर दूर है। स्कूल तय करते हुए वहां मौजूद सुविधाओं पर भी विचार करना आवश्यक होता है। किसी को मन मुताबिक सेंटर चुनने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में अदालत का दखल ठीक नहीं है।
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27 किलोमीटर दूर सेंटर होने की दलील पर कोर्ट ने कहा कि आप वकील करने 40 किलोमीटर आ सकते हो तो परीक्षा के लिए इतनी दूरी क्यों अधिक लग रही है।
याचिका दाखिल करते हुए प्रतिभा कौशिक ने हाईकोर्ट को बताया कि उनका स्कूल उनके क्षेत्र का एकमात्र सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूल है। दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं सीबीएसई आयोजित करने जा रहा है। उनका सेंटर पंचकूला का अमरावती विद्यालय सीनियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाया गया है। मोरनी पहाड़ी क्षेत्र है और यह स्कूल उनके स्कूल से 40 किलोमीटर दूर है। ऐसे में उनके स्कूल को ही उनका सेंटर बनाया जाना चाहिए।
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सीबीएसई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि बहुत से पहलुओं पर विचार के बाद विशेषज्ञ सेंटर तय करते हैं। साथ ही यह भी बताया कि मोरनी से यह स्कूल 40 नहीं बल्कि 27 किलोमीटर दूर है। स्कूल तय करते हुए वहां मौजूद सुविधाओं पर भी विचार करना आवश्यक होता है। किसी को मन मुताबिक सेंटर चुनने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में अदालत का दखल ठीक नहीं है।
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