{"_id":"6582a50365495e344007dfdb","slug":"high-court-order-haryana-govt-to-investigate-irregularities-in-recruitment-of-102-patwaris-in-hooda-regime-2023-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: हुड्डा सरकार में हुई 102 पटवारियों की भर्ती की होगी जांच, हाईकोर्ट ने दिया कार्रवाई का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: हुड्डा सरकार में हुई 102 पटवारियों की भर्ती की होगी जांच, हाईकोर्ट ने दिया कार्रवाई का आदेश
Wed, 20 Dec 2023 01:55 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 20 Dec 2023 01:55 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि सभी चयनित पटवारियों के आवेदन पत्रों की जांच की जाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि विज्ञापन के नियम और शर्तों का उल्लंघन कर तो उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। इसके अतिरिक्त आरक्षित वर्ग व अन्य प्रकार के लाभ का दावा करने के लिए संलग्न दस्तावेजों की भी जांच की जाए।
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
विस्तार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को हुड्डा शासन में हुई 102 पटवारियों की भर्ती में अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि चयनित पटवारियों के आवेदन-पत्रों के साथ ही संलग्न किए दस्तावेज भी जांचे जाएं ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी को अवैध तरीके से कोई लाभ तो नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह में जांच पूरी करने और अगले 8 सप्ताह में कार्रवाई करने के भी निर्देश सरकार को दिए हैं।
याचिका दाखिल करते हुए हरिओम शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि इस भर्ती में ऐसे उम्मीदवारों का चयन भी किया गया है, जिन्होंने बिना हस्ताक्षर के आवेदन-पत्र जमा करवाए थे। कुछ उम्मीदवार ऐसे भी थे जिन्होंने खेल कोटा से आवेदन किया था और उनके द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बिना उन्हें लाभ दे दिया गया।
यह भी पढ़ें: Amritsar: एनकाउंटर में चार हत्याओं का आरोपी ढेर, बरामदगी के दौरान पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मौत
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि सभी चयनित पटवारियों के आवेदन पत्रों की जांच की जाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि विज्ञापन के नियम और शर्तों का उल्लंघन कर तो उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। इसके अतिरिक्त आरक्षित वर्ग व अन्य प्रकार के लाभ का दावा करने के लिए संलग्न दस्तावेजों की भी जांच की जाए। इन दस्तावेजों को संबंधित विभाग से भी सत्यापित किया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद यदि अनियमितता सामने आए तो कानून के अनुसार सरकार उचित निर्णय लेगी।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर उम्मीदवारों ने विज्ञापन के नियमों और शर्तों का उल्लंघन किया है, तो संबंधित उम्मीदवार से जवाब मांगा जाए और उत्तर प्राप्त होने के बाद विभाग उम्मीदवार के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा। कोर्ट ने राज्य को जांच पूरी करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इस दौरान जो परिणाम प्राप्त होंगे उस पर अगले आठ सप्ताह की अवधि के भीतर सरकार को कार्रवाई करनी होगी।
विज्ञापन
याचिका दाखिल करते हुए हरिओम शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि इस भर्ती में ऐसे उम्मीदवारों का चयन भी किया गया है, जिन्होंने बिना हस्ताक्षर के आवेदन-पत्र जमा करवाए थे। कुछ उम्मीदवार ऐसे भी थे जिन्होंने खेल कोटा से आवेदन किया था और उनके द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बिना उन्हें लाभ दे दिया गया।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Amritsar: एनकाउंटर में चार हत्याओं का आरोपी ढेर, बरामदगी के दौरान पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मौत
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि सभी चयनित पटवारियों के आवेदन पत्रों की जांच की जाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि विज्ञापन के नियम और शर्तों का उल्लंघन कर तो उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। इसके अतिरिक्त आरक्षित वर्ग व अन्य प्रकार के लाभ का दावा करने के लिए संलग्न दस्तावेजों की भी जांच की जाए। इन दस्तावेजों को संबंधित विभाग से भी सत्यापित किया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद यदि अनियमितता सामने आए तो कानून के अनुसार सरकार उचित निर्णय लेगी।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर उम्मीदवारों ने विज्ञापन के नियमों और शर्तों का उल्लंघन किया है, तो संबंधित उम्मीदवार से जवाब मांगा जाए और उत्तर प्राप्त होने के बाद विभाग उम्मीदवार के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा। कोर्ट ने राज्य को जांच पूरी करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इस दौरान जो परिणाम प्राप्त होंगे उस पर अगले आठ सप्ताह की अवधि के भीतर सरकार को कार्रवाई करनी होगी।