फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   high court order, all construction be removed from Sukhna Chau

हाईकोर्ट का आदेश, सुखना चौ में बने सभी निर्माण हटाए जाएं

Wed, 18 May 2016 06:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 18 May 2016 06:04 PM IST
विज्ञापन
high court order, all construction be removed from Sukhna Chau
कोर्ट - फोटो : file photo

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसले में सुखना चौ में बनाए गए सभी निर्माणों को हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सुखना चौ में डाले जा रहे ड्रैनेज व अन्य प्रकार के निर्माण कार्य भी रोकने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जीरकपुर नगर परिषद और पंजाब सरकार को हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि चौ में गैरकानूनी निर्माण करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि भविष्य में सुखना चौ में निर्माण की किसी भी योजना को मंजूरी न दी जाए और जो निर्माण हो चुके हैं उन पर किसी का मालिकाना हक नहीं माना जाएगा। चंडीगढ़ की सुखना झील से शुरू होने वाला सुखना चौ बलटाना होते हुए जीरकपुर तक जाता है। इस पूरे इलाके में रिहायशी कालोनियां, शोरूम, होटल व अन्य व्यवसायिक निर्माण हो जाने के कारण चौ का मार्ग अवरुद्ध हो चुका है और बारिश के दिनों में पानी चौ के आसपास के घरों में घुस जाता है। मंगलवार को हाईकोर्ट में इस मामले पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई के दौरान जीरकपुर नगर परिषद और पंजाब सरकार की कोई दलील नहीं मानी और सख्त टिप्पणी के साथ चौ में सभी तरह के निर्माण हटाने के आदेश जारी कर दिए।
विज्ञापन


इससे पहले सोमवार को भी इस मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने साफ कर दिया था कि पंजाब सरकार मंगलवार तक सुखना चौ के नोटिफाई एरिया और मौजूदा समय में इसकी परिधि के बारे में स्पष्टीकरण दाखिल कर दे। कोर्ट ने कह दिया था कि चौ के एरिया में किसी भी प्रकार के निर्माण पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को यह साबित करने को भी कहा कि वर्तमान में जो भी निर्माण कार्य हो रहा है, वह सुखना चौ की परिधि से बाहर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता जसवंत सिंह ने एडवोकेट दीपक सोनक और अश्विनी चोपड़ा ने दलील दी कि सुखना चौ प्राकृतिक रूप से बना चौ है और नियमों के मुताबिक इससे किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता ने यह आरोप भी लगाया कि पंजाब सरकार की ओर से चौ के क्षेत्र में कुछ बिल्डरों और राजनेताओं को फायदा पहुंचाने के लिए निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद की योजना में यहां से सड़क निकाले जाने की जानकारी पंजाब सरकार पूर्व के हलफनामे में दे चुकी है। यदि इस प्रकार के निर्माण की अनुमति दी गई तो विकट स्थिति पैदा हो सकती है।

इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि क्यों न इस निर्माण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी जाए। तब पंजाब सरकार ने कहा कि उसे इस बारे में पक्ष रखने के लिए कुछ समय दिया जाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई को मंगलवार पर टाल दी थी। मंगलवार को सरकार और जीरकपुर एमसी की ओर से चौ में हुए निर्माण को लेकर कई तर्क दिए गए। सरकार ने क्षेत्र में एयरफोर्स की मौजदूगी का भी सहारा लिया, लेकिन कोर्ट ने सरकार की कोई दलील नहीं मानी।


यह है मामला
याचिकाकर्ता जसवंत सिंह ने अपनी याचिका में कहा था कि प्रतिबंध के बावजूद भू-माफिया ने पंजाब ड्रेनेज विभाग पंजाब के साथ मिलकर बरसाती नाले की आड़ में ‘सुखना चौ’ में निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इस पर गत 30 मार्च को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ‘सुखना चौ’ और आसपास के क्षेत्र में जारी निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगा दी थी। इसके साथ ही 16 मई को ड्रेनेज विभाग व जीरकपुर नगर काउंसिल को अपना पक्ष रखने के आदेश भी किए थे। कोर्ट के आदेश पर निर्माण कार्य रोक दिया गया। इससे लोगों को हो रही परेशानियों का हवाला देते हुए ड्रेनेज विभाग ने 2 मई को अपना पक्ष रखकर बरसाती नाले के निर्माण कार्य पर लगी रोक को हटाने की मांग की। तब हाईकोर्ट ने बरसाती नाले के निर्माण कार्य पर लगी रोक को हटाते हुए याचिकाकर्ता जसवंत सिंह पर अदालत को गुमराह करने के चलते पांच हजार रुपये जुर्माना किया और उन्हें भी इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 16 मई की तारीख तय कर दी थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed