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Highcourt: राधा स्वामी सत्संग भवन पर जमीन हड़पने व अवैध खनन का आरोप, पंजाब सरकार को नोटिस

Thu, 11 Jan 2024 08:19 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 11 Jan 2024 08:19 AM IST
सार

याची ने आरोप लगाया था कि डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास ने विभिन्न तरीकों से अपने कब्जे वाले क्षेत्र को बढ़ाने की कोशिश की है। ब्यास नदी ने धुस्सी बांध बनने के बाद अस्वाभाविक रूप से दो किलोमीटर तक अपना रास्ता बदल लिया, जिसके कारण लगभग 2500 एकड़ खेती योग्य भूमि नष्ट हो गई है। 

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High Court notice to Punjab government on Allegations of land grabbing on Radha Soami Satsang Bhavan
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

अमृतसर में बाबा बकाला तहसील के गांव वराइच में भूमि पर अवैध कब्जे व खनन का राधा स्वामी सत्संग ब्यास के डेरे पर आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व अन्य को नोटिस जारी किया है। 
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इसके साथ ही डेरे के सचिव, पंजाब के मुख्य सचिव, खनन निदेशक, अमृतसर के डीसी व एसएसपी को 15 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी अमृतसर के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा ने याचिका दाखिल करते हुए भूमि पर अवैध कब्जे व खनन का मुद्दा हाईकोर्ट के समक्ष रखा है। याची संस्था ने तर्क दिया है कि डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास ने विभिन्न तरीकों से अपने कब्जे वाले क्षेत्र को बढ़ाने की कोशिश की है। 
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याची ने उदाहरण देते हुए बताया कि ब्यास नदी ने धुस्सी बांध बनने के बाद अस्वाभाविक रूप से दो किलोमीटर तक अपना रास्ता बदल लिया, जिसके कारण लगभग 2500 एकड़ खेती योग्य भूमि नष्ट हो गई है। ब्यास नदी के मार्ग में उक्त परिवर्तन अवैध खनन गतिविधियों के साथ-साथ डेरा द्वारा की गई गतिविधियों के कारण हुआ है, क्योंकि नदी के तल से रेत निकाली जा रही है और डेरा अवैध रूप से अपनी सीमाओं का विस्तार कर रहा है।
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याचिकाकर्ता ने अपील की है कि इस मामले की जांच एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को सौंपी जाए। गांव वराइच में भूमि की अखंडता और कब्जे को बचाने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित करने के निर्देश देने की मांग की है। इसके साथ ही याचिका में आरोपियों के साथ ही राज्य के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी मांगे हैं।
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