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हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा, कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पर क्यों न लगाएं रोक?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 17 Feb 2016 08:32 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि आठ मई को होने वाले कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट पर आखिर रोक क्यों न लगाएं। यह नोटिस एक छात्र की ओर से परीक्षा के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम ही रखने को गलत ठहराते हुए दायर याचिका पर जारी किया गया है।
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चंडीगढ़ के हमेन अग्रवाल ने एडवोकेट डॉक्टर अनमोल रत्न सिंह सिद्धू की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा है साल 2006 से शुरू हुई यह परीक्षा ऑफ लाइन ही होती रही है। इसी माध्यम से देश के 17 लॉ स्कूलों में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट होता रहा है। इस मामले में टेस्ट के लिए पिछले साल से ऑनलाइन माध्यम अपनाना शुरू कर दिया गया है। ऐसे में कई छात्र टेस्ट में नहीं बैठ सके।
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दूसरी दलील दी है कि ऑनलाइन परीक्षा में वैकल्पिक उत्तर नहीं बदला जा सकता, लिहाजा मांग की गई कि ऑनलाइन के साथ-साथ टेस्ट की ऑफ लाइन प्रणाली भी जारी रखी जाए, ताकि सभी इच्छुक छात्र परीक्षा में भाग ले सकें। याचिका में बताया कि है कि इस साल यह परीक्षा राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी पटियाला में आयोजित होने जा रही है।
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याचिका में मांग की गई है कि ऑफ लाइन प्रणाली भी जारी रखी जाए और याचिका की सुनवाई तक परीक्षा पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय, बार काउंसिल ऑफ इंडिया व राजीव गांधी यूनिवर्सिटी पटियाला को नोटिस जारी कर दो मार्च तक जवाब देने को कहा है।