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गोमांस बेचने के आरोपी को मल खिलाने के आरोप पर हाईकोर्ट ने हरियाणा से मांगी रिपोर्ट
Sun, 03 Feb 2019 07:01 AM IST
Vikas Kumar
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 03 Feb 2019 07:01 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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गोमांस और गाय की खाल बेचने के आरोपी पॉलिटेक्निक के छात्र को बाल सुधार गृह में मल खिलाने का आरोप और धर्म विशेष के नारे लगाने को मजबूर करने का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही डीजीपी को इस मामले में खुद जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
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याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट मजलिज खान के माध्यम से याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि उसका बेटा पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई करता है। 29 दिसंबर 2018 को वह कॉलेज जाने से पहले याची की नूंह स्थित दुकान पर मौजूद था। उसे दुकान से पुलिस उठा कर ले गई और हरियाणा गो संवर्धन व गो संरक्षण एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर गोमांस और गाय की खाल बेचने का आरोप लगा दिया।
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केस को जिला अदालत में लगाया गया। नाबालिग होने के चलते बेटे को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भेज दिया गया। जब बाल सुधार गृह के अधिकारियों ने वारंट देखा तो वह भड़क गए और कहा कि तुम गाय काटते हो। बेटे ने अफसरों को बताया कि वह बेकसूर है, लेकिन उन्होंने उसे उस बैरक में डाल दिया, जहां पहले ही 16-17 लड़के बंद थे।
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याची का आरोप है कि लड़कों ने उसके बेटे को बुरी तरह से पीटा। पीटने के बाद उसे पेशाब पिलाया और फिर जबरन उसके मुंह में मल ठूंस दिया। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि बाल सुधार गृहों में मौजूद ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और इस मामले की जांच उच्च स्तरीय एसआईटी से करवाई जाए।