{"_id":"5a5f8daf4f1c1b8e268b4e54","slug":"high-court-issues-notice-to-ut-administration-officials","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेक्टर-17 के व्यापारी रेहड़ी फड़ी वालों के खिलाफ पहुंचे हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेक्टर-17 के व्यापारी रेहड़ी फड़ी वालों के खिलाफ पहुंचे हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Jan 2018 09:35 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्ट्रीट वेंडरों के सर्वे आरंभ होने के बाद से ही सेक्टर-17 में लगातार बढ़ती रेहड़ी-फड़ी वालों की तादाद से परेशान शोरूम मालिकों ने अब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपना दुखड़ा रोया है। शोरूम मालिकों ने याचिका में कहा कि अब रेहड़ी-फड़ी शोरूम के रास्ते में ही लगनी आरंभ हो गई हैं, जिससे यहां चलना- फिरना भी मुश्किल हो गया है। याचिका में उनको हटाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने यूटी के गृह सचिव, वित्त सचिव, डीसी, एसडीएम और नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
शोरूम मालिकों द्वारा एडवोकेट मंसूर अली और मोहम्मद सरताज खान के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया गया है कि चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन इन रेहड़ी-फड़ी वालों को स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत लाइसेंस जारी कर रहा है। इसके चलते सेक्टर-17 में इनकी तादात बढ़ती ही जा रही है। अब इन लोगों ने शोरूमों के बाहर चलने फिरने की जगहों पर भी कब्ज़ा जमा लिया है।
इस कारण इन शोरूम मालिकों को भी व्यावसयिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि निगम इन्हें यह कहते हुए नहीं हटा रहा है कि एक्ट के तहत लाइसेंस जारी किये जा रहे हैं, जबकि इसी एक्ट के तहत यह प्रावधान भी है कि अगर यह लोग ट्रैफिक के लिए या कानून व्यवस्था के लिए मुश्किलें खड़ी करें तो उनको हटाया जा सकता है। बावजूद इसके प्रशासन इन लोगों पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है और इन लोगों का अतिक्रमण जारी है।
विज्ञापन
मास्टर प्लान में सेक्टर-17 है नो वेंडिंग जोन
हाईकोर्ट को बताया गया कि चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031 के तहत सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन तय किया गया है। बावजूद इसके बड़े पैमाने पर रेहड़ी-फड़ी वाले बैठ गए हैं। जो इस मास्टर प्लान का पूरी तरह से उल्लंघन है। लिहाजा सेक्टर-17 को पूरी तरह से नो वेंडिंग जोन बनाया जाए।
विज्ञापन
शोरूम मालिकों द्वारा एडवोकेट मंसूर अली और मोहम्मद सरताज खान के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया गया है कि चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन इन रेहड़ी-फड़ी वालों को स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत लाइसेंस जारी कर रहा है। इसके चलते सेक्टर-17 में इनकी तादात बढ़ती ही जा रही है। अब इन लोगों ने शोरूमों के बाहर चलने फिरने की जगहों पर भी कब्ज़ा जमा लिया है।
विज्ञापन
इस कारण इन शोरूम मालिकों को भी व्यावसयिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि निगम इन्हें यह कहते हुए नहीं हटा रहा है कि एक्ट के तहत लाइसेंस जारी किये जा रहे हैं, जबकि इसी एक्ट के तहत यह प्रावधान भी है कि अगर यह लोग ट्रैफिक के लिए या कानून व्यवस्था के लिए मुश्किलें खड़ी करें तो उनको हटाया जा सकता है। बावजूद इसके प्रशासन इन लोगों पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है और इन लोगों का अतिक्रमण जारी है।
विज्ञापन
मास्टर प्लान में सेक्टर-17 है नो वेंडिंग जोन
हाईकोर्ट को बताया गया कि चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031 के तहत सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन तय किया गया है। बावजूद इसके बड़े पैमाने पर रेहड़ी-फड़ी वाले बैठ गए हैं। जो इस मास्टर प्लान का पूरी तरह से उल्लंघन है। लिहाजा सेक्टर-17 को पूरी तरह से नो वेंडिंग जोन बनाया जाए।