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हाईकोर्ट: सड़क चौड़ा करने के प्रोजेक्ट की नहीं हुई समीक्षा, एनएचएआई व पंजाब को अवमानना नोटिस
Thu, 21 Apr 2022 09:58 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 21 Apr 2022 09:58 PM IST
सार
केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन पेश हुए थे और उन्होंने बताया था कि प्रोजेक्ट के लिए 11000 पेड़ों की कटाई होनी है। हाईकोर्ट ने इस पर कहा था कि 11 हजार पेड़ बहुत होते हैं, इतने पेड़ों को काटने की अनुमति कैसे दी जा सकती है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फिरोजपुर से मुक्तसर साहिब के बीच सड़क को चौड़ा करने के प्रोजेक्ट पर पुनर्विचार न करने के मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) व पंजाब सरकार को अवमानना नोटिस जारी किया है। एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि केंद्र सरकार ने फिरोजपुर से मुक्तसर साहिब के बीच सड़क को चौड़ा करने का निर्णय लिया है।
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इस प्रोजेक्ट में हजारों वृक्षों को काटने की योजना है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि इन पेड़ों को बचाया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था तथा वृक्षों की कटाई पर रोक लगा दी थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने अर्जी दाखिल करते हुए इस रोक को हटाने की मांग की थी।
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अर्जी पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को भी पक्ष बना लिया था। केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन पेश हुए थे और उन्होंने बताया था कि प्रोजेक्ट के लिए 11000 पेड़ों की कटाई होनी है। हाईकोर्ट ने इस पर कहा था कि 11 हजार पेड़ बहुत होते हैं, इतने पेड़ों को काटने की अनुमति कैसे दी जा सकती है।
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हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए केंद्र सरकार को योजना पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया था ताकि कम से कम वृक्षों को काटना पड़े। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि दोबारा योजना बनाने तक एक भी पेड़ न काटा जाए। अब एडवोकेट अरोड़ा ने अवमानना याचिका दाखिल करते हुए बताया कि योजना पर पुनर्विचार नहीं किया गया। साथ ही याची को पत्र लिखकर बताया गया कि जो वृक्ष सड़क चौड़ा करते हुए बीच में आ रहे हैं, उन्हें काटा जा रहा है। याची ने कहा कि यह सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना का मामला बनता है। इस पर हाईकोर्ट ने अब एनएचएआई और पंजाब सरकार को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।