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मौत लिंग नहीं देखती, महिलाओं को हेलमेट से छूट क्यों दी- हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

Thu, 22 Mar 2018 12:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 22 Mar 2018 12:02 PM IST
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High Court issued notice to UT, Punjab and Haryana governments for women not wearing helmets
हाईकोर्ट ने कहा कि मौत लिंग नहीं देखती, महिलाओं को हेलमेट से छूट क्यों दी गई है। हाईकोर्ट ने छूट देने पर हरियाणा, पंजाब और यूटी को फटकार लगाई है।
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महिलाओं के लिए हेलमेट अनिवार्य न होने पर हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और यूटी को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या मौत लिंग देखकर आती है या कोई गारंटी है कि महिलाओं का एक्सीडेंट नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि सबकी जान की कीमत बराबर होती है महिलाओं की खोपड़ी पुरुषों से अलग नहीं होती। यूटी प्रशासन ने इस पर जवाब केलिए समय मांगा। 

हाईकोर्ट ने हरियाणा और पंजाब में हेलमेट पहनने वालों की संख्या 10 प्रतिशत के बराबर बताते हुए कहा कि क्यों सख्ती से नियमों को लागू नहीं किया जा रहा है। दोनों को अगली सुनवाई पर हेलमेट के किए गए चालानों का ब्यौरा सौंपने के आदेश दिए हैं। यह ब्यौरा न देने पर अगली सुनवाई पर डीजीपी को हाजिर रहने को कहा है।
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जस्टिस एके मित्तल एवं जस्टिस अमित रावल की खंडपीठ कोर्ट के एक लॉ रिसर्चर अनिल सैनी द्वारा महिलाओं के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य बनाने की मांग को लेकर चीफ जस्टिस को लिखे गए पत्र को संज्ञान में लेकर सुनवाई कर रही है।
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पत्र में सैनी ने चंडीगढ़ के एरोमा होटल के सामने कुछ दिन पहले एक स्कूटी और हरियाणा रोडवेज की बस एक्सीडेंट का जिक्र किया है।  हाईकोर्ट से मांग की गई है कि जो महिलाएं खासतौर पर सिख महिलाएं जो पगड़ी नहीं पहनती हैं उनके लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाना बेहद ही जरूरी है। इसके लिए मौजूदा मोटर व्हीकल एक्ट में जरूरी बदलाव की मांग भी की गई है। 

ज्यादातर मौत हेलमेट न पहनने के कारण होती है

High Court issued notice to UT, Punjab and Haryana governments for women not wearing helmets
पत्र में लिखा गया है था कि केंद्र सहित पंजाब और हरियाणा ने उन सिखों को हेलमेट पहनाने से छूट दी है, जो पगड़ी पहनते हैं। हाईकोर्ट को बताया गया कि कोई भी धर्म सुरक्षा के प्रावधानों से सुरक्षा मानकों से ऊपर नहीं है। 

लिहाजा सभी महिलाओं और खासतौर पर वह सिख महिलाएं जो पगड़ी नहीं पहनती हैं उनके लिए टू व्हीलर्स पर हेलमेट अनिवार्य किया जाना चाहिए। पत्र में वकीलों द्वारा विभिन्न स्टडी का हवाला देते हुए बताया गया कि दुपहिया वाहनों की दुर्घटना में हुई ज्यादातर मौत हेलमेट न पहनने के कारण होती है।

इस पर हाईकोर्ट ने जानना चाहा कि दुपहिया वाहन चालक महिलाओं की रोड पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ क्या कर रहे हैं? क्या इस मामले में कोई कानून बनाया जा सकता है?

सख्ती हो तो पंजाब, हरियाणा में भी लोग पहनेंगे हेलमेट

High Court issued notice to UT, Punjab and Haryana governments for women not wearing helmets
कोर्ट ने कहा कि शहर में हेलमेट को लेकर सख्ती है, इसलिए यहां लोग हेलमेट पहनते हैं। लेकिन चंडीगढ़ से बाहर निकलते ही लोग हेलमेट निकाल कर टांग लेते हैं। यह सिर्फ इसलिए कि हरियाणा व पंजाब सख्ती नहीं करते हैं। 

कोर्ट ने कहा कि कानून का सख्ती से पालन हो तो इस तरह की चीजें देखने को न मिले। आदतन ऐसा करने वाले कम ही हैं। सख्ती होते ही सब कुछ बदल जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने कैशलैस चालान को बढ़ावा देने और नई तकनीकों को शामिल करने की दिशा में कदम उठाने की दिशा में विचार करने के आदेश दिए।
 
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