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Punjab: गैंगस्टर संपत नेहरा के रिश्तेदार को हाईकोर्ट ने दी जमानत, लंबे समय की हिरासत को बनाया आधार
Thu, 08 Dec 2022 12:08 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 08 Dec 2022 12:08 AM IST
सार
8 फरवरी, 2022 को याची को गिरफ्तार किया गया था। उसने तत्काल जमानत याचिका के साथ हाईकोर्ट का रुख किया। उसकी दलील थी कि उसने शिकायतकर्ता से पैसे की मांग नहीं की। याची पक्ष की ओर से दलील दी गई कि संपत नेहरा से उसका संबंध है इस मामले में याचिकाकर्ता को गलत तरीके से फंसाया गया है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक व्यापारी से रंगदारी मांगने के आरोपी गैंगस्टर संपत नेहरा के रिश्तेदार (बहनोई) को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। जस्टिस जेएस ने जमानत देते हुए कहा कि ट्रायल निकट भविष्य में समाप्त होने की संभावना नहीं है और याची फरवरी से हिरासत में है। अभियोजन पक्ष के 22 गवाहों में से किसी का भी अब तक ट्रायल नहीं किया गया है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि निसंदेह याचिकाकर्ता मंजीत सिंह के खिलाफ आरोप बेहद गंभीर हैं। इस तरह के अपराध निश्चित रूप से बढ़ रहे हैं। आरोपों की सत्यता ट्रायल के दौरान जांच का विषय रहेगी। ऐसी स्थिति में, याचिकाकर्ता को और कैद में रखने की आवश्यकता नहीं है। इस मामले में याची मंजीत सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
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इसमें व्यापारी अंगरेज सिंह (शिकायतकर्ता) के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप के अनुसार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ बार-बार फोन कर उससे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहा था। शिकायतकर्ता ने इस पर असमर्थता जताई थी। रंगदारी की रकम लेने आए व्यक्ति की गैंगस्टर संपत नेहरा से बात कराई। आखिर में शिकायतकर्ता सात लाख रुपये देने को तैयार हुआ, जिसमें तीन लाख मंजीत द्वारा अकाउंट में और बाकी चार लाख उसे नकद दिए गए।
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8 फरवरी, 2022 को याची को गिरफ्तार किया गया था। उसने तत्काल जमानत याचिका के साथ हाईकोर्ट का रुख किया। उसकी दलील थी कि उसने शिकायतकर्ता से पैसे की मांग नहीं की। याची पक्ष की ओर से दलील दी गई कि संपत नेहरा से उसका संबंध है इस मामले में याचिकाकर्ता को गलत तरीके से फंसाया गया है।
सरकारी वकील ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने संपत नेहरा के इशारे पर याचिकाकर्ता को पैसे दिए थे, जो जेल में बंद खूंखार गैंगस्टर है। इसके अलावा याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर एक देसी पिस्तौल, चार कारतूस, एक मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद हुए। तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं, आरोपों की सत्यता ट्रायल के दौरान जांच का विषय होगी। इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमानत दे दी।