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Punjab: अदालत की अवमानना के दोषी तीन अधिकारियों को हाईकोर्ट से मिली राहत, सिंगल बेंच के फैसले पर लगी रोक

Fri, 17 Nov 2023 12:26 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 17 Nov 2023 12:26 PM IST
सार

2010 में गांव बड़ी करोरा और नड्डा की 1092 एकड़ जमीन को पंजाब लैंड प्रिजार्वेशन एक्ट से डी-लिस्ट किया गया था। साथ ही शर्त लगा दी गई थी कि यहां कोई व्यवसायिक गतिविधि या कंस्ट्रक्शन नहीं की जाएगी। 2014 में एक याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था कि अगर यह फॉरेस्ट लैंड नहीं है तो यह शर्तें लागू नहीं होंगी, इसलिए नई नोटिफिकेशन की जाए।

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High Court double bench stayed orders of single bench declaring three officers guilty of court contempt
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

पंजाब के दो आईएएस अधिकारी विकास गर्ग, विवेक प्रताप सिंह और एक आईएफएस रमाकांत मिश्रा को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अदालत के आदेशों की अवमानना का दोषी करार दिए जाने के सिंगल बेंच के आदेशों पर डबल बेंच ने रोक लगा दी है। 

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एडिशनल चीफ सेक्रेटरी कम फाइनेंस कमिश्नर विकास गर्ग, प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट मोहाली रमाकांत मिश्रा और लोकल गवर्नमेंट विभाग के प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह को हाईकोर्ट ने पिछले महीने अदालत के आदेशों की अवमानना का दोषी करार दिया था। हाईकोर्ट ने इन अधिकारियों को आदेश दिए थे कि 20 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई तक कार्रवाई न करने पर इन्हें सजा सुना दी जाएगी। यह आदेश ग्राम पंचायत बड़ी करोरां की याचिका पर दिए गए थे।  इस आदेश के खिलाफ डबल बेंच में अपील की गई थी। 
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यह भी पढ़ें: हाईकोर्ट का सवाल: जब हरियाणा सीएम आवास के बाहर का मार्ग आम लोगों के लिए खुला तो पंजाब सीएम का बंद क्यों
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यह है मामला
2010 में गांव बड़ी करोरा और नड्डा की 1092 एकड़ जमीन को पंजाब लैंड प्रिजार्वेशन एक्ट से डी-लिस्ट किया गया था। साथ ही शर्त लगा दी गई थी कि यहां कोई व्यवसायिक गतिविधि या कंस्ट्रक्शन नहीं की जाएगी। 2014 में एक याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था कि अगर यह फॉरेस्ट लैंड नहीं है तो यह शर्तें लागू नहीं होंगी, इसलिए नई नोटिफिकेशन की जाए। हाईकोर्ट को बताया गया था कि यह फॉरेस्ट लैंड नहीं है, बावजूद इसके यह शर्तें नहीं हटाई गई। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में लगातार याचिकाएं दाखिल होती रही, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।

12 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेशों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने पर इन तीन अधिकारियों को दोषी करार दे दिया था। अब इन अधिकारियों सहित मोहाली की डीसी आशिका जैन और गमाडा के एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर अमरिंदर सिंह टिवाना ने इस आदेशों पर रोक लगाने की डबल बेंच से मांग की है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इन तीनों अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए इन्हें अदालत की अवमानना का दोषी करार दिए जाने के आदेश पर रोक लगा दी है।

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