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शराब घोटाला: बर्खास्त इंस्पेक्टर की जमानत याचिका खारिज, पुलिस ने गिरफ्तारी को बढ़ाई दबिश

Mon, 15 Jun 2020 09:14 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 15 Jun 2020 09:14 PM IST
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High court dismisses anticipatory bail application of dismissed inspector
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : amar ujala

हरियाणा के चर्चित खरखौदा शराब घोटाले में फरार चल रहे बर्खास्त इंस्पेक्टर जसवीर सिंह की अग्रिम जमानत की अर्जी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी। इससे पहले सेशन कोर्ट भी अर्जी खारिज कर चुका है। मामला शराब गोदाम से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की शराब चोरी और शराब तस्करी का है। जांच में सहयोग करने की बात कहते हुए याचिकाकर्ता ने अग्रिम जमानत की अपील की थी। 

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इसके पहले सेशन कोर्ट ने जसवीर की याचिका खारिज करते हुए हिदायत दी थी कि वह पुलिस के सामने पेश होकर जांच में सहयोग करे। उसके बावजूद उसने सरेंडर नहीं किया। बताया जा रहा है कि शराब तस्करी में मुख्य आरोपी भूपेंद्र की इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने काफी मदद की थी। भूपेंद्र को जसबीर ने ही रसूखदार अधिकारियों व नेताओं से मिलवाया था। 
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तस्करी का शराब ला रहे ट्रक को करीब दो साल पहले जसबीर ने रोक लिया था। भूपेंद्र ट्रक को छुड़ाने के लिए उससे मिला और उसके बाद दोनों ने मिलकर खेल शुरू किया। आरोप है कि जसबीर और भूपेंद्र ने लॉकडाउन में शराब तस्करी को अंजाम दिया, जिसके बाद मामला अचानक हाईप्रोफाइल हो गया और कई रसूखदारों के नाम घोटाले से जुड़ने लगे। मामले की जांच शुरू होने पर जसवीर फरार हो गया। 

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एसआईटी की टीम भी उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही

शराब तस्करी, चोरी, भ्रष्टाचार समेत अन्य मामलों में आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर की जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज होने के बाद उसकी गिरफ्तारी को पुलिस ने दबिश बढ़ा दी है। सीआईए के साथ अब एसआईटी की टीम भी उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। वहीं मामले में आबकारी विभाग के पूर्व एडहॉक कर्मी की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टल गई है। उसकी जमानत पर 19 जून को ही सुनवाई होगी।

खरखौदा तस्करी, चोरी, भ्रष्टाचार का मामला पूरे प्रदेश में सुर्खियों में है। इस मामले में शराब तस्कर भूपेंद्र के साथ पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है। जिसमें खरखौदा थाना के तत्कालीन प्रभारी जसबीर समेत कई पुलिस कर्मी नामजद हुए हैं। जिसमें जसबीर को बर्खास्त कर दिया गया था। जसबीर की गिरफ्तारी को पुलिस टीम लगी है, लेकिन वह फरार है।

पहले सेशन कोर्ट और अब हाईकोर्ट में भी उसकी जमानत याचिका खारिज हो गई है। जिसके बाद स्थानीय पुलिस, सीआईए और एसआईटी ने उसकी तलाश को दबिश बढ़ा दी है। इसके लिए टीमों को अलग से लगाया गया है। उसके बावजूद उसकी भनक नहीं लग सकी है। हालांकि अब हाईकोर्ट ने जमानत खारिज होने के बाद उस पर दबाव बढ़ गया होगा। पुलिस का मानना है कि अब उसके जल्द पकड़े जाने की उम्मीद है।

आबकारी विभाग के पूर्व एडहॉक कर्मी की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टली

मामले में पुलिस जांच के दौरान आबकारी विभाग के पूर्व एडहॉक कर्मी सुनील का नाम भी सामने आया था। वह भूपेंद्र का राजदार बताया गया है। नाम सामने आने के बाद सुनील ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। हालांकि अदालत ने अब इसमें सुनवाई के लिए 19 जून की तारीख तय की है। उस दिन भूपेंद्र के भाई जितेंद्र की भी कई मामलों में अग्रिम जमानत पर सुनवाई के साथ ही भूपेंद्र की जमानत पर भी सुनवाई होनी है।

बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर की हाईकोर्ट में भी अग्रिम जमानत याचिका का विरोध कर उसे खारिज करा दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी को स्थानीय पुलिस के साथ एसआईटी भी लगातार दबिश दे रही है। उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
- जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत
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