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पंजाब: सुमेध सिंह सैनी की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित, आज आ सकता है निर्णय

Fri, 10 Sep 2021 01:59 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 10 Sep 2021 01:59 AM IST
सार

पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुमेध सिंह सैनी की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। शुक्रवार को अदालत अपना निर्णय सुना सकती है। इससे यह साफ हो जाएगा कि सैनी को मिली राहत जारी रहेगी या नहीं।

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High Court decision reserved on petition of Sumedh Singh Saini
पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी द्वारा उनके पूरे सेवा काल में दर्ज किसी भी केस में गिरफ्तारी से सात दिन पहले नोटिस देने का निर्देश जारी करने की अपील पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। अब शुक्रवार को हाईकोर्ट से फैसला आ सकता है कि सैनी को मिली अंतरिम राहत जारी रहेगी या नहीं।

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हाईकोर्ट ने 11 अक्तूबर, 2018 को सैनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके डायरेक्टर विजिलेंस, आईजी (इंटेलिजेंस) और डीजीपी रहते हुई किसी घटना को लेकर दर्ज एफआईआर में किसी भी कार्रवाई से पहले सैनी को 7 दिन का नोटिस देने का आदेश दिया था। इसके बाद सैनी ने हाईकोर्ट में दोबारा याचिका दायर कर कहा था कि पंजाब सरकार शुरू से ही उन्हें रंजिश के चलते किसी न किसी केस में फंसाना चाह रही है।
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अब सरकार ने 1991 में बलवंत सिंह मुल्तानी मामले में उन्हें सिर्फ इसीलिए फंसाया है, क्योंकि वह उस समय चंडीगढ़ के एसएसपी थे। ऐसे में अब उनके पूरे सेवा काल के दौरान हुई घटना के लिए दर्ज किसी भी मामले में कार्रवाई से पहले सात दिन का नोटिस दिए जाने का आदेश दिया जाए। हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी मांग लिया था।
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इसी दौरान आय से अधिक संपत्ति के एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ने सैनी को 12 अगस्त को अंतरिम जमानत दे दी थी और जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। आदेश के तहत सैनी 18 अगस्त की देर शाम विजिलेंस ऑफिस में पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। सैनी ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उनकी यह गिरफ्तारी अवैध है क्योंकि उन्हें अंतरिम जमानत मिल चुकी है।


इस पर हाईकोर्ट ने सैनी को तत्काल रिहा करने के आदेश दे दिया था। इसके बाद विजिलेंस ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि सैनी को 18 अगस्त को रात को एफआईआर संख्या 13 में नहीं बल्कि एफआईआर संख्या 11 में गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को अवैध नहीं कहा जा सकता क्योंकि इस एफआईआर में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली थी। हाईकोर्ट ने अब सैनी की मांग को लेकर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।

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