{"_id":"5b7194d142c7920fa45ead6b","slug":"high-court-again-issues-notice-to-j-k-government-in-kathua-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठुआ कांडः हाईकोर्ट ने दोबारा जारी किया नोटिस, जम्मू-कश्मीर सरकार ने नहीं दिया था जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठुआ कांडः हाईकोर्ट ने दोबारा जारी किया नोटिस, जम्मू-कश्मीर सरकार ने नहीं दिया था जवाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 14 Aug 2018 09:43 AM IST
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ में नाबालिग बच्ची से रेप और उसकी हत्या के मामले में एक आरोपी राजू (बदला हुआ नाम) की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पठानकोट कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें पठानकोट कोर्ट ने याची को नाबालिग मानने से इंकार करते हुए इस केस की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट के सुपुर्द करने से इनकार कर दिया था।
सोमवार को आरोपी की याचिका पर सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से कोई वकील हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ, जिसके चलते हाईकोर्ट ने इस मामले में एडवोकेट जनरल के माध्यम से जम्मू-कश्मीर सरकार को नए सिरे से नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी।
याचिकाकर्ता आरोपी ने हाईकोर्ट से कहा है कि वह नाबालिग है और उसके मामले की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में की जानी चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने इस मामले को जम्मू-कश्मीर से जुड़ा मानते हुए सबसे पहले यह तय करने का फैसला किया है कि यह मामला उसके अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं। इसीलिए हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। लेकिन सोमवार को जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से कोई भी वकील हाईकोर्ट नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को आरोपी की याचिका पर सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से कोई वकील हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ, जिसके चलते हाईकोर्ट ने इस मामले में एडवोकेट जनरल के माध्यम से जम्मू-कश्मीर सरकार को नए सिरे से नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता आरोपी ने हाईकोर्ट से कहा है कि वह नाबालिग है और उसके मामले की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में की जानी चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने इस मामले को जम्मू-कश्मीर से जुड़ा मानते हुए सबसे पहले यह तय करने का फैसला किया है कि यह मामला उसके अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं। इसीलिए हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। लेकिन सोमवार को जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से कोई भी वकील हाईकोर्ट नहीं पहुंचा।
विज्ञापन