चिंताजनक: स्वस्थ रक्तदाताओं की जांच में मिल रहा हेपेटाइटिस बी व सी का संक्रमण, PGI रोहतक की रिपोर्ट में खुलासा
एक्सपर्ट का कहना है कि इस बीमारी से बचना है तो नशे से दूर रहें। एक ही सिरिंज से नशा लेने से संक्रमण एक-दूसरे में आसानी से फैलता है। कुछ झोलाछाप डॉक्टर पैसा बचाने के लिए एक ही सिरिंज से कई मरीजों को इंजेक्शन लगाते हैं। इससे संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है।
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स्वस्थ रक्तदाताओं की पांच प्रमुख जांचों में हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण का मिलना खतरे की घंटी बनता जा रहा है। इन रक्तदाताओं में अधिकांश पुरुष हैं। अगर महिलाओं को भी जांच में शामिल किया जाए तो संक्रमितों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। यह खुलासा पीजीआईएमएस रोहतक के ब्लड बैंक में आए रक्तदाताओं की जांच रिपोर्ट से हुआ है।
हरियाणा में सबसे अधिक रक्तदाता का रिकॉर्ड रोहतक जिले के नाम है। यहां ब्लड बैंक में प्रत्येक साल 40 हजार के करीब यूनिट रक्तदान में आता हैं। ब्लड बैंक में हर माह करीब 170 रक्तदाताओं में हेपेटाइटिस बी व सी का संक्रमण मिल रहा है। यह आंकड़ा अकेले पीजीआईएमएस के ब्लड बैंक का है। अगर निजी ब्लड बैंकों का डाटा मिला दिया जाए तो संख्या और बढ़े जाएगी। रक्तदाताओं से मिलने वाले ब्लड में हेपेटाइटिस बी व सी, एचआईवी, सिफलिश व मलेरिया की जांच होती है। संक्रमण नहीं मिलने पर ही रक्त जरूरतमंद को दिया जाता है।
कारण... नशा... एक ही सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल
पीजीआईएमएस के रिकॉर्ड में हेपेटाइटिस सी के मरीजों की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाणा से सटे पंजाब के जिलों में ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। प्रदेश में पानीपत, कैथल, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, सोनीपत में भी संक्रमितों की संख्या ज्यादा है। एक ही सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल करने से संक्रमण ज्यादा फैलता है। झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा एक सिरिंज को कई बार इस्तेमाल करना भी अहम कारण है।
सावधानी: नशे से दूर रहें, एक सिरिंज का एक बार प्रयोग करें
एक्सपर्ट का कहना है कि इस बीमारी से बचना है तो नशे से दूर रहें। एक ही सिरिंज से नशा लेने से संक्रमण एक-दूसरे में आसानी से फैलता है। कुछ झोलाछाप डॉक्टर पैसा बचाने के लिए एक ही सिरिंज से कई मरीजों को इंजेक्शन लगाते हैं। इससे संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है। पहले शेव के लिए उस्तरे का इस्तेमाल होता था लेकिन अब जागरूकता आई है। अब हर व्यक्ति नया ब्लेड इस्तेमाल करता है।
रोहतक में है मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर
पीजीआईएमएस रोहतक में हेपेटाइटिस सी का मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर है। यहां देशभर से मरीज आकर बिना इंतजार किए जांच व उपचार करवा सकते हैं। हाल ही में पटना से दो युवकों ने आकर उपचार कराया है। 2013 में डॉ. प्रवीण के नेतृत्व में यहां जांच केंद्र शुरू किया गया था। 2018 में यह नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम शुरू हुआ और अभिनेता अमिताभ बच्चन इस योजना के ब्रांड एंबेसडर बने थे। इस योजना को रोहतक पीजीआईएमएस से ही शुरू किया गया था।
क्या बोले विशेषज्ञ
170 के करीब हेपेटाइटिस बी और सी के मरीज हर माह नए सामने आ रहे हैं। एक हजार पुराने मरीजों का उपचार चल रहा है। अब तक 25 हजार ठीक हो चुके हैं। जो 20 प्रतिशत उपचार में लापरवाही बरतते हैं या देरी करते हैं तो लिवर ट्रांसप्लांट करना पड़ता है। चंडीगढ़ पीजीआईएमईआर में लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा है। यहां लिवर डोनर के अलावा करीब दस लाख रुपये खर्च आता है। निजी सेंटर में यह खर्च 25 लाख पहुंचता है। ब्लड बैंक व गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग रोहतक में मिल कर काम कर रहा है। इसलिए का पता लगते ही उपचार शुरू कर देते हैं। सभी ब्लड बैंकों को अपनी जांच रिपोर्ट संबंधित नोडल अधिकारी को जरूर बतानी चाहिए ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। हरियाणा में हेपेटाइटिस बी व सी का उपचार निशुल्क है। - डॉ. प्रवीण मल्होत्रा, विभागाध्यक्ष एवं सीनियर प्रोफेसर, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग, पीजीआईएमएस रोहतक।