जींद और भिवानी में सुबह से लगातार बारिश, सड़कें बनीं तालाब, तीन फुट तक भरा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
जींद शहर में 11 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण नरवाना रोड पर पानी भरने से लोग परेशानी में दिखे। स्थानीय लोगों ने बताया कि नरवाना रोड स्थित जन स्वास्थ्य विभाग के सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को नहीं चलाया जा रहा। जिसके चलते पानी की निकासी नहीं हो पाती, गलियों व सड़कों पर पानी भर जाता है।
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जींद और भिवानी जिले में बुधवार सुबह से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह सात बजे शुरू हुई बारिश दोपहर तक जारी थी । मौसम विभाग ने वीरवार को भी बारिश की आशंका जताई है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार सुबह करीब सात बजे बारिश शुरू हुई, जो दोपहर तक जारी थी। सुबह 11 बजे तक जींद के नरवाना में सबसे अधिक 31 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि जींद में 11 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके चलते जींद शहर में सड़कों पर भारी जलभराव हो गया। नरवाना रोड पर करीब 3 फुट तक पानी भरने से लोग परेशानी में दिखे। वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों के अनुसार नरवाना रोड स्थित जन स्वास्थ्य विभाग के सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को नहीं चलाया जा रहा, जिसके चलते गलियों व सड़कों पर पानी भर गया।
जलभराव कोई नई समस्या नहीं, किसानों की परेशानी बढ़ी
वहीं, जींद जिले के कई क्षेत्र पहले ही जलभराव से परेशान हैं। जुलाना, उचाना, अलीबाबा, सफीदों के कई गांवों में पहले से ही पानी भरने से फसलें खराब हो चुकी हैं। ऐसे में बुधवार को हुई बारिश से किसानों की परेशानी और बढ़ेगी। फसल खराब होने से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। खंड कृषि अधिकारी डॉक्टर सुभाष चंद्र के अनुसार भारी बारिश से कपास की फसल को नुकसान होने की आशंका अधिक है। उधर, सुबह से ही हुई बारिश के कारण लोग अपने काम पर भी नहीं पहुंच सके। बाजारों में दूसरे दिनों के बजाय कम ही भीड़ नजर आई।
भिवानी में भी जोरदार बारिश
भिवानी शहर में भी 10:30 बजे से ही लगातार बारिश हो रही है। जिसके कारण शहर में कई जगह पर जलभराव हो गया है। लोगों को बारिश के कारण जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं, जलभराव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज बारिश के कारण बाजारों में भीड़ कम ही नजर आई। सड़कें भी सुनसान दिखी। शहर में सड़कों की हालत खस्ता होने के चलते उनमें पानी भर गया, जिसके कारण आवाजाही में दिक्कतें उठानी पड़ी। जलभराव के कारण सड़कों में बने गड्ढों से हादसों का भी खतरा बढ़ गया है।