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अब ये मशीन बताएगी आपके दिल का हाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Feb 2014 02:37 PM IST
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अलेयर इंडिया ने दुनिया के पहली और एकमात्र फिंगर स्टिक बीएनपी टेस्ट डिवाइस हार्ट चेक लांच की है। दावा है कि यह उपकरण दिल की गतिविधियों पर निगरानी रखेगी।
साथ ही चंद मिनट में किसी भी तरह के हृदय रोग का पता लगाकर उसके निदान में मदद करता है। इस मशीन का आकार छोटा है। इसकी मदद से डाक्टर के चैंबर में ही परीक्षण किया जा सकता है।
यह टेक्नोलॉजी तुरंत जांच परिणाम के समय को घटा देती है। इस तरह से ग्रामीण इलाकों में जल्दी डायग्नोसिस व उपचार के इंतजाम में जो कमी है, उसे काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।
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कार्डियो वेस्कुलर एक्यूट केयर के बिजनेस हेड योगेश सिंह ने बताया कि सटीक व असरदार उपकरणों की मदद से टेक्नोलॉजी को मरीजों के पास ला रहे हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि जीवन रक्षा उपचार के लिए समय पर सटीक डायग्नोसिस बहुत महत्वपूर्ण है। विशेषकर कार्डियो वेस्कुलर रोग के मामलों में। इस मशीन से परीक्षण के लिए केवल 15 मिनट का समय लगता है, जबकि अन्य तरह से होने वाली जांच में तीन से चार घंटे लगते हैं।
यह होगा फायदा
1. हार्ट की गतिविधियों का जल्द करेगा डायग्नोसिस
2. मर्ज का पता चलने पर जल्दी हो सकेगा इलाज
3. कम समय में पता चलेगा कि हार्ट का दर्द या फिर अस्थमा का
4. अस्पतालों का बोझ कम होगा, चंद मिनट में पता चलेगी लागत
5. हार्ट फेल होने की गंभीरता की होगी समीक्षा
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साथ ही चंद मिनट में किसी भी तरह के हृदय रोग का पता लगाकर उसके निदान में मदद करता है। इस मशीन का आकार छोटा है। इसकी मदद से डाक्टर के चैंबर में ही परीक्षण किया जा सकता है।
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यह टेक्नोलॉजी तुरंत जांच परिणाम के समय को घटा देती है। इस तरह से ग्रामीण इलाकों में जल्दी डायग्नोसिस व उपचार के इंतजाम में जो कमी है, उसे काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।
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कार्डियो वेस्कुलर एक्यूट केयर के बिजनेस हेड योगेश सिंह ने बताया कि सटीक व असरदार उपकरणों की मदद से टेक्नोलॉजी को मरीजों के पास ला रहे हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि जीवन रक्षा उपचार के लिए समय पर सटीक डायग्नोसिस बहुत महत्वपूर्ण है। विशेषकर कार्डियो वेस्कुलर रोग के मामलों में। इस मशीन से परीक्षण के लिए केवल 15 मिनट का समय लगता है, जबकि अन्य तरह से होने वाली जांच में तीन से चार घंटे लगते हैं।
यह होगा फायदा
1. हार्ट की गतिविधियों का जल्द करेगा डायग्नोसिस
2. मर्ज का पता चलने पर जल्दी हो सकेगा इलाज
3. कम समय में पता चलेगा कि हार्ट का दर्द या फिर अस्थमा का
4. अस्पतालों का बोझ कम होगा, चंद मिनट में पता चलेगी लागत
5. हार्ट फेल होने की गंभीरता की होगी समीक्षा