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Chandigarh News: मुरथल सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट मित्र के अनुरोध पर सुनवाई टली

Sat, 23 Nov 2024 01:33 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2024 01:33 AM IST
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Hearing postponed on request of court friend in Murthal gang rape case, Court News, Haryana News
-हाईकोर्ट उठा चुका है सवाल, एसआईटी कैसे करेगी दो हजार केस की जांच
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में हुए सामूहिक दुष्कर्म व राज्य में हिंसा को लेकर हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान मामले में कोर्ट मित्र के निवेदन पर हाईकोर्ट ने सुनवाई 30 जनवरी तक स्थगित कर दी है। इस मामले में जांच की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी गई है। इससे पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट मित्र अनुपम गुप्ता ने हाईकोर्ट को बताया था कि इस मामले को लेकर कुल 2105 केस दर्ज है, जिसमें से सरकार लगभग पांचवा हिंसा 407 केस वापस लेना चाहती है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सवाल उठाया था कि एक एसआईटी 2000 के करीब मामलों की कैसे जांच कर सकती है। पिछले दिनों सरकार जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जाट नेताओं पर दर्ज मामले वापस लेने पर विचार कर रही थी और संभावना थी कि इस मामले की सुनवाई के दौरान सरकार अर्जी दायर कर कोर्ट से इस बाबत इजाजत लेगी। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान कैप्टन अभिमन्यु के घर पर तोड़-फोड़ व वाहनों को जलाने के आरोपित दिलावर सिंह ने हाईकोर्ट में जमानत की याचिका दायर की थी, इस जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया था कि सुप्रीम कोर्ट इन मामलों का ट्रायल दिसंबर 2018 तक पूरा किये जाने का आदेश दे चुका है। फरवरी 2019 में हुई सुनवाई पर हाईकोर्ट ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, तोडफ़ोड़ और आगजनी मामले में दिसंबर 2018 तक इन केस का ट्रायल पूरा करने के आदेश दिए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों के बावजूद भी इन केसों का ट्रायल पूरा नहीं हो पाया है। क्या इस देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट में कोई अर्जी दायर कर और समय की मांग की है या नहीं। लेकिन फरवरी 2019 के बाद इस मामले में हाई कोर्ट में कोई ठोस सुनवाई नहीं हो पाई।
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