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Punjab News: बिक्रम सिंह मजीठिया को राहत नहीं, 29 जुलाई तक जेल में ही रहेंगे
Fri, 22 Jul 2022 11:50 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 22 Jul 2022 11:50 PM IST
सार
बिक्रम मजीठिया के खिलाफ कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गत वर्ष 20 दिसंबर को एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने तक मजीठिया की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें राहत दे दी थी।
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बिक्रम सिंह मजीठिया।
- फोटो : फाइल
विस्तार
एनडीपीएस मामले में फंसे पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया की जमानत याचिका पर शुक्रवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। मजीठिया की याचिका पर पंजाब सरकार ने कहा कि सरकार की ओर से पैरवी के लिए दिल्ली से सीनियर एडवोकेट पेश होंगे। ऐसे में सरकार को कुछ मोहलत दी जाए। सरकार के आग्रह पर हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 29 जुलाई तक स्थगित कर दी है। ऐसे में मजीठिया को 29 जुलाई तक जेल में ही रहना होगा।
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शुक्रवार को मजीठिया की याचिका सुनवाई के लिए जस्टिस एमएस रामचंद्र राव एवं जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ के समक्ष पहुंची। इससे पहले मजीठिया की इस याचिका पर हाईकोर्ट की दो बेंच सुनवाई से इनकार कर चुकी हैं। पहले जस्टिस एजी मसीह ने खुद को इस केस से अलग करते हुए इसे अन्य बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया था।
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खास बात यह है कि जस्टिस जस्टिस मसीह पर आधारित की बेंच इस याचिका पर बहस पूरी कर चुकी थी और मजीठिया की जमानत पर अपना फैसला भी सुरक्षित रख चुकी थी। इसके बाद याचिका जस्टिस एमएस रामचंद्र राव एवं जस्टिस अनूप चितकारा की खंडपीठ में सुनवाई के लिए आई थी। 15 जुलाई को जस्टिस अनूप चितकारा ने खुद को इस केस से अलग कर लिया, जिसके बाद चीफ जस्टिस के निर्देश पर इस याचिका पर जस्टिस एमएस रामचंद्र राव एवं जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने सुनवाई शुरू की है।
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20 दिसंबर 2021 को दर्ज हुई थी मजीठिया के खिलाफ एफआईआर
बिक्रम मजीठिया के खिलाफ कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गत वर्ष 20 दिसंबर को एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने तक मजीठिया की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें राहत दे दी थी। मतदान के बाद 24 फरवरी को मजीठिया ने मोहाली कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिसके बाद उन्हें पटियाला जेल भेज दिया गया। इसके बाद 10 मार्च को चुनाव परिणाम आया तो मजीठिया अमृतसर ईस्ट से चुनाव हार गए थे, तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।