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बीबी जागीर कौर की सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई जल्द
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 08 May 2016 05:43 PM IST
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अपनी बेटी का जबरन गर्भपात कराने के मामले में सजायाफ्ता शिअद महिला विंग की अध्यक्ष और भुलत्थ से विधायक बीबी जागीर कौर की ओर से उनकी सजा निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच ने कहा है कि सजा के खिलाफ दायर अपील ही जल्द निपटा दी जाएगी।
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याचिका में जागीर कौर ने कहा था कि यदि सजा का निलंबन नहीं हुआ तो वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। इस पर सीबीआई को नोटिस जारी हुआ था। शुक्रवार को सीबीआई के वकील आरके हांडा ने सजा के निलंबन का विरोध किया।
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उधर, जागीर के वकील जेएस बेदी ने कहा कि हाईकोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने जा रहा है, ऐसे में मुख्य अपील पर सुनवाई में देरी होगी। इस पर जस्टिस एसएस सारों व गुरमीत राम की डिवीजन बेंच ने कहा कि छुट्टियों में भी बेंच लगेगी। सीबीआई के वकील को फटकार लगाते हुए बेंच ने कहा कि जब हाईकोर्ट की बेंच सुनवाई के लिए तैयार है तो सीबीआई क्यों नहीं। इसके साथ ही मुख्य अपील की सुनवाई बेंच ने नौ मई से शुरू करने का निर्णय लिया है। ऐसे में फिलहाल बीबी जागीर कौर को मामले में कोई राहत नहीं मिली है।
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पटियाला की सीबीआई अदालत ने मामले में बीबी जागीर कौर को 30 मार्च 2012 को पांच साल की सजा सुनाई थी। इसी सजा केनिलंबन की मांग को लेकर याचिका दायर की गई। याचिका में उन्होंने कहा गया था कि वह न केवल विधायक हैं, बल्कि शिअद महिला विंग की अध्यक्ष भी हैं। वह अगले साल विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं। साथ ही उन्हें पार्टी के लिए प्रचार भी करना है। ऐसे में जब तक सजा निलंबित नहीं होती, वह चुनाव में सक्रिय भूमिका नहीं निभा सकतीं। लिहाजा सीबीआई अदालत की ओर से उन्हें पांच वर्ष की सुनाई गई सजा निलंबित की जानी चाहिए।
बीबी के खिलाफ सीबीआई ने हत्या का मामला भी दर्ज किया था, लेकिन पटियाला अदालत ने उन्हें हत्या और सबूत मिटाने के आरोप से दोषमुक्त किया था, लेकिन आपराधिक षडयंत्र व बंधक बनाने के मामले में दोषी करार देते हुए पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बीबी कुछ समय के लिए जेल में भी रही थीं और बाद में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।