{"_id":"622f5f0874b09e7a8f075448","slug":"hearing-of-75-percent-reservation-in-private-sector-jobs-will-be-done-daily-in-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा: निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण पर इसी सप्ताह आएगा फैसला, हाईकोर्ट में रोजाना होगी सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा: निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण पर इसी सप्ताह आएगा फैसला, हाईकोर्ट में रोजाना होगी सुनवाई
Mon, 14 Mar 2022 09:02 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 14 Mar 2022 09:02 PM IST
सार
निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण मामले की सुनवाई अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में रोजाना होगी। इसी सप्ताह इस मामले पर फैसला भी आ जाएगा।
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में निजी क्षेत्र की नौकरियों में प्रदेशवासियों को 75 प्रतिशत आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अब रोजाना सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार याचिका का निपटारा करने की समय सीमा इसी सप्ताह समाप्त हो रही है। ऐसे में मामले का इसी सप्ताह निपटारा किया जाएगा।
विज्ञापन
मामले में पिछली सुनवाई पर जस्टिस अजय तिवारी ने बिना कोई कारण बताए खुद को अलग कर लिया था। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए नई बेंच गठित कर दी और उसी के समक्ष सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अब इस याचिका पर रोजाना आधार पर सुनवाई का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
फरीदाबाद इंडस्ट्रियल एसोसिएशन व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया था कि निजी क्षेत्र में योग्यता और कौशल के अनुसार लोगों का चयन किया जाता है। यदि नियोक्ताओं से कर्मचारी को चुनने का अधिकार ले लिया जाएगा तो उद्योग कैसे आगे बढ़ सकेंगे। हरियाणा सरकार का 75 प्रतिशत आरक्षण का फैसला योग्य लोगों के साथ अन्याय है। यह कानून उन युवाओं के सांविधानिक अधिकारों का हनन है, जो अपनी शिक्षा और योग्यता के आधार पर भारत के किसी भी हिस्से में नौकरी करने को स्वतंत्र हैं।
विज्ञापन
हरियाणा सरकार ने जवाब दाखिल करते हुए कहा कि संविधान के जिस प्रावधान का हवाला देकर एसोसिएशन हाईकोर्ट पहुंची है, वह नागरिकों के लिए है, कंपनी पर वह लागू ही नहीं होता। ऐसे में याचिका को खारिज किया जाए।