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हाईकोर्ट में एजी हरियाणा बोले- दुष्यंत चौटाला को उप मुख्यमंत्री बनाना असांविधानिक नहीं
Wed, 06 Nov 2019 10:25 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 06 Nov 2019 10:25 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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हरियाणा के एडवोकेट जनरल बीआर महाजन ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के 5 फैसलों की प्रति सौंपते हुए कहा कि दुष्यंत को उपमुख्यमंत्री नियुक्त करना असांविधानिक नहीं है। मंगलवार को एडवोकेट जगमोहन भट्टी की जनहित याचिका पर सुनवाई आरंभ होते ही एजी बीआर महाजन ने उपमुख्यमंत्री पद को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले सहित ऐसे ही चार अन्य फैसलों की जानकारी हाईकोर्ट को दी।
कर्नाटक हाईकोर्ट कह चुका है कि उपमुख्यमंत्री नियुक्त करना असांविधानिक नहीं है और इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी थी। ऐसे ही चार अन्य फैसलों की जानकारी महाजन ने हाईकोर्ट को दी। हाईकोर्ट ने इस पर याची से पूछा कि क्या उसे इन फैसलों की जानकारी है। जवाब न में मिला तो हाईकोर्ट ने याची को इन फैसलों का अध्ययन कर अपनी दलीलें रखने के आदेश जारी कर दिए।
जगमोहन सिंह भट्टी ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया है कि संविधान में जब राज्य में उपमुख्यमंत्री के पद का कोई प्रावधान नहीं है तो कैसे दुष्यंत चौटाला को राज्य में उपमुख्यमंत्री के पद पर नियुक्त कर दिया गया। इस पद पर नियुक्त कर शपथ दिलवाया जाना पूरी तरह से असांविधानिक है। भट्टी ने हाईकोर्ट से मांग की है कि जब तक यह याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है, तब तक दुष्यंत चौटाला को राज्य के उपमुख्यमंत्री के पद पर रहते दिए जाने वाले सभी वित्तीय लाभ और अन्य सुविधाओं पर रोक लगाई जाए।
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कर्नाटक हाईकोर्ट कह चुका है कि उपमुख्यमंत्री नियुक्त करना असांविधानिक नहीं है और इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी थी। ऐसे ही चार अन्य फैसलों की जानकारी महाजन ने हाईकोर्ट को दी। हाईकोर्ट ने इस पर याची से पूछा कि क्या उसे इन फैसलों की जानकारी है। जवाब न में मिला तो हाईकोर्ट ने याची को इन फैसलों का अध्ययन कर अपनी दलीलें रखने के आदेश जारी कर दिए।
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जगमोहन सिंह भट्टी ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया है कि संविधान में जब राज्य में उपमुख्यमंत्री के पद का कोई प्रावधान नहीं है तो कैसे दुष्यंत चौटाला को राज्य में उपमुख्यमंत्री के पद पर नियुक्त कर दिया गया। इस पद पर नियुक्त कर शपथ दिलवाया जाना पूरी तरह से असांविधानिक है। भट्टी ने हाईकोर्ट से मांग की है कि जब तक यह याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है, तब तक दुष्यंत चौटाला को राज्य के उपमुख्यमंत्री के पद पर रहते दिए जाने वाले सभी वित्तीय लाभ और अन्य सुविधाओं पर रोक लगाई जाए।
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