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कूड़ा बीनने वालों का होगा कैशलेस स्वास्थ्य बीमा
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 24 Dec 2013 03:26 PM IST
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हरियाणा सरकार ने साइकिल रिक्शा चालकों, आटो ड्राईवरों, कूड़ा बीनने वालों, खदान में काम करने वालों, सफाई कर्मचारियों और रेलवे कुलियों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के विस्तार को सहमति दी है।
श्रम एवं रोजगार विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस समय प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीपीएल परिवारों को शामिल किया गया है।
जिन्हें पैनल में शामिल सार्वजनिक तथा निजी अस्पतालों में चिकित्सा देखभाल के लिए 30 हजार रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लाभ दिया जाता है।
इस योजना में आंगनबाड़ी कर्मियों को भी शामिल किया गया है। राज्य सरकार द्वारा आम आदमी तथा जनश्री बीमा योजना के लाभ पात्रों को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
जबकि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभ पात्रों को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर करने का मामला प्रक्रिया में है।
उन्होंने बताया कि इस समय प्रदेश में 13.68 लाख बीमित व्यक्तियों तथा उनके परिवारों को विभिन्न अस्पतालों के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं दी जा रही हैं।
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इसके अलावा, कर्मचारी राज्य बीमा स्वास्थ्य देखभाल विभाग द्वारा नारनौल, खेरकीडौला (मानेसर) तथा इस्लामपुर (गुड़गांव) में तीन नई ईएसआई डिस्पेंसरियां शुरू की गई।
इसके साथ-साथ गुड़गांव की ईएसआई डिस्पेंसरी में नई आयुर्वेदिक विंग की शुरुआत की गई। ईएसआई डिस्पेंसरी रोहतक को मॉडल डिस्पेंसरी एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के रूप में अपग्रेड किया गया है।
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श्रम एवं रोजगार विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस समय प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीपीएल परिवारों को शामिल किया गया है।
जिन्हें पैनल में शामिल सार्वजनिक तथा निजी अस्पतालों में चिकित्सा देखभाल के लिए 30 हजार रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लाभ दिया जाता है।
इस योजना में आंगनबाड़ी कर्मियों को भी शामिल किया गया है। राज्य सरकार द्वारा आम आदमी तथा जनश्री बीमा योजना के लाभ पात्रों को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
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जबकि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभ पात्रों को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर करने का मामला प्रक्रिया में है।
उन्होंने बताया कि इस समय प्रदेश में 13.68 लाख बीमित व्यक्तियों तथा उनके परिवारों को विभिन्न अस्पतालों के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं दी जा रही हैं।
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इसके अलावा, कर्मचारी राज्य बीमा स्वास्थ्य देखभाल विभाग द्वारा नारनौल, खेरकीडौला (मानेसर) तथा इस्लामपुर (गुड़गांव) में तीन नई ईएसआई डिस्पेंसरियां शुरू की गई।
इसके साथ-साथ गुड़गांव की ईएसआई डिस्पेंसरी में नई आयुर्वेदिक विंग की शुरुआत की गई। ईएसआई डिस्पेंसरी रोहतक को मॉडल डिस्पेंसरी एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के रूप में अपग्रेड किया गया है।