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चंडीगढ़: स्वास्थ्य सुविधाओं में अव्वल है सिटी ब्यूटीफुल, पीजीआई में ही हर साल होता है 28 लाख मरीजों का इलाज 

Tue, 20 Jul 2021 10:55 AM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ 
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़  Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 20 Jul 2021 10:55 AM IST
सार

चंडीगढ़ में शहर की जनता के साथ ही एक साल में देशभर के लगभग 35 लाख मरीजों को इलाज मिल रहा है। पीजीआई के अलग-अलग विभाग बेहतर चिकित्सा सेवा के लिए देश की शान माने जाते हैं।
 

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Health Facilities in Chandigarh are excellent
पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

चंडीगढ़ अपनी खूबसूरती के साथ-साथ दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए भी देश भर में जाना जाता है। देश में एम्स के बाद दूसरे पायदान पर स्थान बनाने वाला पीजीआई एक साल में अकेले करीब 28 लाख मरीजों का इलाज कर रहा है। इसके अलावा जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 भी मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विकास की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि शहर में जिस रफ्तार से चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में विकास हो रहा है, उससे आने वाले एक से दो साल के बीच यह मेडिकल टूरिज्म का भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। 

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देशभर के 35 लाख से ज्यादा मरीजों को मिल रहा इलाज
चंडीगढ़ में शहर की जनता के साथ ही एक साल में देशभर के लगभग 35 लाख मरीजों को इलाज मिल रहा है। इसमें पीजीआई में लगभग 27 से 28 लाख व जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में 6 से 7 लाख मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। इन मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 3720 बेड का संचालन किया जा रहा है।

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पीजीआई के ये विभाग बढ़ा रहे शान

पीजीआई के अलग-अलग विभाग बेहतर चिकित्सा सेवा के लिए देश की शान माने जाते हैं। इसमें क्लीनिकल हिमोटोलॉजी आंकोलॉजी और बोनमैरो सेंटर के साथ ही एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर व हीपेटोलॉजी विभाग में हर साल लाखों मरीजों की जान बचाई जा रही है। इसके साथ ही रीजनल ट्रांसप्लांट सर्जरी, रूमैटोलॉजी व एडवांस आई सेंटर में देश के कोने-कोने से मरीज इलाज कराने आ रहे हैं।

आने वाले समय में बढ़ेगी और भी सुविधाएं
आने वाले एक से दो सालों में शहर चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में आशातीत उपलब्धि हासिल करेगा। अकेले पीजीआई में कई बड़ी योजनाएं पूरी होने से मरीजों को उच्च श्रेणी की चिकित्सा सेवा उपलब्ध होगी। इनमें 300 बेड का मदद एंड चाइल्ड केयर सेंटर, फिरोजपुर सैटेलाइट सेंटर, संगरूर सैटेलाइट सेंटर, ऊना सैटेलाइट सेंटर व हिमाचल और पंजाब में स्वीकृत तीन सैटेलाइट सेंटर शामिल हैं। पीजीआई में निर्माणाधीन 300 बेड के एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर की सुविधा 2022 में मिलने लगेगी। वहीं दूसरी तरफ जीएमसीएच- 32 में 300 बेड के ट्रामा सेंटर और 300 बेड के मदर चाइल्ड केयर सेंटर का भी निर्माण दो से तीन साल के बीच पूरा कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के तहत जीएमएसएच-16 में 300 बेड के मदर चाइल्ड केयर सेंटर का निर्माण भी शीघ्र शुरू होने वाला है।

जल्द ही चंडीगढ़ मेडिकल हब के रूप में विकसित होगा 

पीजीआई के साथ ही जीएमसीएच- 32 और जीएमएचएस-16 ने भी तरक्की की है। इसका लाभ शहर की जनता के साथ ही देश भर के रेफरल मरीजों को मिल रहा है। ऐसे में प्रशासक की ओर शहर के निजी अस्पतालों के विकास की ओर ध्यान देने के निर्देश से यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही चंडीगढ़ मेडिकल हब के रूप में विकसित होगा। इससे बाहर के लोगों को जहां स्वास्थ्य सुविधाओं के चुनाव का विकल्प उपलब्ध होगा, वहीं शहर की जनता को अपने ही सेक्टर में इलाज की सुविधा मुहैया होगी। -डॉ. आरएस बेदी, आईएमएस के पूर्व अध्यक्ष व एडवाइजर वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन

आने वाले सालों में सैटेलाइट सेंटरों के जरिए पीजीआई मरीजों का करेगा इलाज 
मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए पीजीआई में एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर, मदर चाइल्ड केयर के साथ ही सारंगपुर के सैटेलाइट सेंटर की सुविधा जल्द ही मुहैया कराई जाएगी। प्रयास किया जा रहा है कि आने वाले दो से तीन साल में पीजीआई सैटेलाइट सेंटरों के जरिए बाहर के मरीजों को उच्च चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराए।  -प्रो. जगतराम, निदेशक पीजीआई 
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