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चंडीगढ़: 128 कर्मियों की सेवा समाप्त, अस्पतालों की व्यवस्था धड़ाम, स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध पर की थी भर्ती

Mon, 04 Apr 2022 12:25 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 04 Apr 2022 12:25 AM IST
सार

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पहले भी वार्ड में दो ही स्टाफ काम करते थे। कोविड के दौरान मिली राहत से काम करने की प्रवृत्ति कम हो गई है इसलिए अब उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सबके बीच गैर कोविड मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। 

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Health department terminated service of 128 contract workers in Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना महामारी के दौरान रखे गए 128 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। वहीं बीते 31 मार्च को एक साथ कर्मचारियों के निकाले जाने से विभाग में वार्ड से लेकर ओपीडी तक की व्यवस्था चरमराने लगी है। उधर, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कर्मचारियों को मानक के अनुसार हटाया गया है। इन्हें कोरोना काल तक के लिए ही तैनात किया गया था।

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इससे जीएमएसएच-16 समेत शहर के सिविल अस्पतालों के वार्ड में मरीजों को न तो समय पर दवा मिल रही है न ही साफ-सफाई हो पा रही है। यही हाल ओपीडी का हाल है। इस बारे में अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि कोविड कम होने पर गैर कोविड मरीजों का दबाव अचानक कई गुना ज्यादा बढ़ गया है।
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वहीं, कोरोना के केस घटने पर अनुबंध पर रखे गए कर्मचारियों को कोविड वार्ड से दूसरे हटाकर सामान्य वार्ड में लगा दिया गया था। अब अचानक वार्ड से कर्मचारियों को हटा दिया गया तो मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि कोविड के दौरान सरकार के निर्देश पर अनुबंध पर कर्मचारियों की तैनाती की गई थी जिनकी सेवा धीरे-धीरे समाप्त की जा रही है। 
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इससे पहले भी काफी संख्या में कर्मचारी निकाले जा चुके हैं। इसे लेकर काफी बवाल भी हो चुका है। विभाग का कहना है कि उनके स्तर पर इस प्रक्रिया को रोकने का कोई विकल्प नहीं है। वहीं इस प्रक्रिया से निकाले जाने वाले कर्मचारियों से ज्यादा ड्यूटी कर रहे कर्मचारी दुखी हैं क्योंकि उन पर अचानक से काम का दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पहले भी वार्ड में दो ही स्टाफ काम करते थे। कोविड के दौरान मिली राहत से काम करने की प्रवृत्ति कम हो गई है इसलिए अब उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सबके बीच गैर कोविड मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। 

लैब के कर्मचारियों की नौकरी अब भी जारी 
दूसरी ओर कोविड के दौरान रखे गए 16 लैब टेक्नीशियन की सेवा एक साल के लिए और बढ़ा दी गई है क्योंकि कोविड स्क्रीनिंग अब भी जारी है। प्रतिदिन 1200 से 1500 नमूनों की जांच हो रही है। जीएमएसएच 16 में स्थापित आरटीपीसीआर लैब और अन्य सिविल अस्पतालों में इन्हें तैनात किया गया है। बता दें कि जीएमएसएच 16 में प्रतिदिन 200 आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। वहीं, सिविल अस्पतालों में रैपिड एंटीजन जांच की जा रही है। 

सरकार के निर्देश पर कोविड के समय रखे गए कर्मचारियों की सेवा समाप्त की जा रही है। कोविड से पहले जितने कर्मचारी थे, उतने ही अब भी काम कर रहे हैं। व्यवस्था पटरी पर आने में थोड़ा समय लगेगा। -डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएच 16

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