पुलिस टीम पर किसान ने किए 100 फायर, हेड कांस्टेबल की मौत, दो घायल, बुलाने पड़े कमांडो
- मोगा में देर रात की वारदात, सीआईए स्टाफ प्रभारी समेत एक अन्य हवलदार भी गंभीर घायल
- आरोपी ने 12 बोर की राइफल से किए 100 फायर, जवाबी फायरिंग में आरोपी भी गंभीर जख्मी
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चाचा- भतीजा के मामूली विवाद को सुलझाने गई पुलिस टीम पर एक किसान ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें सीआईए स्टाफ के हवलदार की मौत हो गई। वहीं सीआईए स्टाफ प्रभारी और एक हवलदार गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं जवाबी फायरिंग में आरोपी भी गंभीर रूप से घायल हो गया। एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि आरोपी सनकी किस्म का व्यक्ति है और उसके खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार गुरविंदर सिंह निवासी गांव खोसा पांडो का अपने चाचा बलदेव सिंह के साथ विवाद चल रहा था। सोमवार को गुरविंदर सिंह ने अपने चाचा के खेत में तूड़ी को आग लगा दी। इसके बाद बलदेव सिंह गांव की पंचायत को लेकर गुरविंदर सिंह के घर गया तो गुरविंदर सिंह ने पंचायत समेत बलदेव सिंह को जान से मारने की धमकी देते हुए उन पर असलाह तान दिया। इसके बाद बलदेव सिंह ने थाना सदर पुलिस को आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
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एएसआई बूचा सिंह की टीम सोमवार शाम करीब सात बजे आरोपी को गिरफ्तार करने उसके घर गई तो गुरविंदर सिंह ने पुलिस टीम पर भी असलाह तान जान से मारने की धमकी दी। एएसआई बूटा सिंह ने मामले की सूचना थाना सदर के प्रभारी कर्मजीत सिंह को दी। थाना प्रभारी समेत पुलिस पार्टी गांव खोसा पांडो में आरोपी के घर पहुंची। इस दौरान आरोपी ने फिर पुलिस पार्टी को जान से मारने की धमकी दी।
मामला एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल के ध्यान में लाने पर एसएसपी ने सीआईए स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर तिरलोचन सिंह समेत पुलिस टीम को मौके पर जाकर आरोपी को गिरफ्तार करने को कहा। रात करीब साढे़ 12 बजे जब सीआईए स्टाफ टीम आरोपी को गिरफ्तार करने घर पहुंची तो आरोपी ने छत से पुलिस टीम पर राइफल से फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग के दौरान सीआईए स्टाफ के हवलदार व पूर्व फौजी जगमोहन सिंह ने जब आरोपी के घर में घुसकर छत पर चढ़ने का प्रयास किया तो सीढ़ियां चढ़ने से पहले ही आरोपी गुरविंदर सिंह ने हवलदार जगमोहन सिंह की छाती पर गोली मार दी, जिसके चलते मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी गुरविंदर सिंह ने सीआईए प्रभारी तिरलोचन सिंह व एक हवलदार वेदम सिंह पर भी गोलियां चलाई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने 12 बोर की राइफल से 100 के करीब फायर किए गए, जबकि पुलिस की ओर से भी करीब 80 फायर किए जाने की सूचना है। दोनों घायल पुलिस कर्मचारियों को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहीं पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी गुरविंदर सिंह की दोनों टांगों और पेट में गोली लगी है। वहीं, मामला हद से बाहर होते देख एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल ने सुबह करीब चार बजे पटियाला से कमांडो को बुलाया।
कमांडो के आने से पहले ही आरोपी गुरविंदर अपनी मां को गन प्वाइंट पर लेकर अपनी सफारी गाड़ी से मौके से फरार हो गया। आरोपी गांव दौलतपुरा नींवा के पास पहुंचा तो घायल होने के कारण गाड़ी नहीं चला पाया। इसके बाद आरोपी ने 108 एंबुलेंस पर फोन किया और कहा कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और जल्द उपचार मुहैया करवाया जाए।
मंगलवार सुबह करीब साढे़ सात बजे जब 108 एंबुलेंस गुरविंदर सिंह को लेकर सिविल अस्पताल मोगा पहुंची तो सिविल अस्पताल में तैनात पुलिस कर्मियों समेत मीडियाकर्मियों ने आरोपी को पहचान लिया। इसके बाद सिविल अस्पताल में विशेष पुलिस टीम को बुलाया गया और पुलिस ने आरोपी गुरविंदर को सिविल अस्पताल से अपनी कस्टडी में ले लिया। कुछ समय बाद गंभीर घायल होने के चलते सिविल अस्पताल से आरोपी गुरविंदर सिंह को फरीदकोट रेफर कर दिया गया।