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Chandigarh News: दूसरे के घर में काम कर बेटे को बनाया काबिल, आज नौसेना में है पेटी ऑफिसर
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चंडीगढ़। आंखों का तारा लाडला बेटा एक मां के लिए सबकुछ होता है। उसकी परवरिश के लिए एक मां क्या कुछ कर सकती है इसका बेहतरीन उदाहरण हैं सावित्री शर्मा। सावित्री शर्मा नयागांव में रहती हैं। उनका बेटा रवि शर्मा अभी भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हैं। मां ने किसी के घर में काम कर आज रवि को इस मुकाम पर पहुंचाया है।
रवि शर्मा ने बताया कि वे तलवारबाजी के खेल के इंटरनेशनल स्तर के पदक विजेता खिलाड़ी हैं और खेल कोटे से उन्हें नौकरी हासिल हुई। रवि ने बताया कि उनके पिता राम प्रसाद रिटायर्ड सिक्योरिटी गार्ड हैं। उनकी मां किसी के घर में काम करती थी। जब परवरिश के लिए पैसे कम पढ़ने लगे तो उन्होंने घरेलू काम करते हुए ब्यूटी पार्लर का काम करना शुरू किया। काम से लौटने के छोटे से ब्यूटीफुल पार्लर में मां ने दिन-रात मेहनत की।
रवि ने बताया कि गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-10 में पढ़ाई के साथ कोच चरणजीत कौर से तलवारबाजी अकादमी में तलवारबाजी खेल का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। कोच की निगरानी में कड़ी मेहनत की। इसका फल मिला। पहले स्टेट, फिर नेशनल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने लगा। इसी आधार पर नौसेना में नौकरी लग गई।
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रवि ने कहा कि खेल कोटे पर नौकरी मिलने से अधिकर समय खेल पर ही फोकस रखना होता है। मौजूदा समय में भारत और पाकिस्तान के बीच जिस तरह का तनाव चल रहा है उसे देखते हुए अगर हैडक्वार्टर से फ्रंट पर आने के लिए कहा जाता है तो भारत मां की सेवा करने के लिए तुरंत रवाना हो जाउंगा। रवि ने बताया कि मां का फोन आया है कि बेटे देश की सेवा तुम्हारा पहला धर्म है।
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रवि शर्मा ने बताया कि वे तलवारबाजी के खेल के इंटरनेशनल स्तर के पदक विजेता खिलाड़ी हैं और खेल कोटे से उन्हें नौकरी हासिल हुई। रवि ने बताया कि उनके पिता राम प्रसाद रिटायर्ड सिक्योरिटी गार्ड हैं। उनकी मां किसी के घर में काम करती थी। जब परवरिश के लिए पैसे कम पढ़ने लगे तो उन्होंने घरेलू काम करते हुए ब्यूटी पार्लर का काम करना शुरू किया। काम से लौटने के छोटे से ब्यूटीफुल पार्लर में मां ने दिन-रात मेहनत की।
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रवि ने बताया कि गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-10 में पढ़ाई के साथ कोच चरणजीत कौर से तलवारबाजी अकादमी में तलवारबाजी खेल का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। कोच की निगरानी में कड़ी मेहनत की। इसका फल मिला। पहले स्टेट, फिर नेशनल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने लगा। इसी आधार पर नौसेना में नौकरी लग गई।
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रवि ने कहा कि खेल कोटे पर नौकरी मिलने से अधिकर समय खेल पर ही फोकस रखना होता है। मौजूदा समय में भारत और पाकिस्तान के बीच जिस तरह का तनाव चल रहा है उसे देखते हुए अगर हैडक्वार्टर से फ्रंट पर आने के लिए कहा जाता है तो भारत मां की सेवा करने के लिए तुरंत रवाना हो जाउंगा। रवि ने बताया कि मां का फोन आया है कि बेटे देश की सेवा तुम्हारा पहला धर्म है।