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HCS पेपर लीक: स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर हुआ केस, 2140 पन्नों की चार्जशीट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 07 Jan 2018 10:18 AM IST
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एचसीएस (ज्यूडिशियल) पेपर लीक
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2140 पन्नों की चार्जशीट पेश करने के बाद एचसीएस पेपर लीक मामला स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने केस स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। एसआईटी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट डॉ. बलविंदर शर्मा और परीक्षा टॉपर सुनीता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
केस की सुनवाई अब एडीजे जेएस सिद्धू की अदालत में होगी। अगली सुनवाई सोमवार को होगी। सोमवार को दोनों आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी सप्लाई की जाएगी। इसके बाद दोनों के खिलाफ आरोप तय होने के साथ ही केस का ट्रायल शुरू होगा।
वहीं, अदालत में अभी डॉ. बलविंदर शर्मा की ‘ए’ क्लास सुविधाओं वाली याचिका भी विचाराधीन है। इस पर भी सोमवार को सुनवाई होगी। 10 जुलाई को सुनीता के हाथ में पेपर आने के एक-दो दिन बाद इसे सुशीला को दिखाया था। उसने उसे कुछ सवाल बताए और उसके जवाब भी दिखाए।
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इसके बाद सुनीता ने सुशीला से ऐसे कैंडीडेट तलाश कर लाने को कहा, जो पेपर और उसकी आंसर शीट के एक से डेढ़ करोड़ रुपये दे सके। उसने सुशीला से दोस्ती की एवज में उसे पेपर देने के बदले केवल 25 लाख रुपये की ही डिमांड की थी। इसके बाद सुनीता ने आगे पेपर किस-किस को और कितने का बेचा फिलहाल एसआईटी इसकी जांच कर रही है।
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केस की सुनवाई अब एडीजे जेएस सिद्धू की अदालत में होगी। अगली सुनवाई सोमवार को होगी। सोमवार को दोनों आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी सप्लाई की जाएगी। इसके बाद दोनों के खिलाफ आरोप तय होने के साथ ही केस का ट्रायल शुरू होगा।
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वहीं, अदालत में अभी डॉ. बलविंदर शर्मा की ‘ए’ क्लास सुविधाओं वाली याचिका भी विचाराधीन है। इस पर भी सोमवार को सुनवाई होगी। 10 जुलाई को सुनीता के हाथ में पेपर आने के एक-दो दिन बाद इसे सुशीला को दिखाया था। उसने उसे कुछ सवाल बताए और उसके जवाब भी दिखाए।
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इसके बाद सुनीता ने सुशीला से ऐसे कैंडीडेट तलाश कर लाने को कहा, जो पेपर और उसकी आंसर शीट के एक से डेढ़ करोड़ रुपये दे सके। उसने सुशीला से दोस्ती की एवज में उसे पेपर देने के बदले केवल 25 लाख रुपये की ही डिमांड की थी। इसके बाद सुनीता ने आगे पेपर किस-किस को और कितने का बेचा फिलहाल एसआईटी इसकी जांच कर रही है।
एसपीएससी चेयरमैन और सेक्रेटरी को भी बनाया सरकारी गवाह
hcs Paper Leak
एसआईटी की ओर से केस में 39 गवाह बनाए गए हैं। इनमें मुख्य गवाहों में हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) के चेयरमैन और सेक्रेटरी को भी सरकारी गवाह बनाया गया है। हाईकोर्ट के कुछ कर्मियों को भी सरकारी गवाह बनाया है।
इनमें डॉ. शर्मा के आफिस में आने-जाने वालों की एंट्री करने वाले कर्मी को भी शामिल किया गया है। साथ ही सुनीता की शर्मा से मिलने आने के वक्त रजिस्टर में एंट्री का रिकार्ड भी बतौर सबूत शामिल किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने जिस प्रिंटिंग प्रेस में पेपर छपा था उसके कुछ कर्मियों को भी केस में गवाह बनाया है।
ओला कैब ड्राइवर को भी बनाया गवाह
चार्जशीट के मुताबिक, डॉ. शर्मा अक्सर सुनीता से मिलने सेक्टर-18 में जाता था, जहां वह रहती थी। इस दौरान डॉ. शर्मा कभी भी सरकारी गाड़ी नहीं ले गया। वह अक्सर ऑनलाइन टैक्सी बुक करता था।
पुलिस ने डॉ. शर्मा को ओला कैब से हाईकोर्ट से सेक्टर-18 में छोड़कर आने वाले एक ड्राइवर राजेश को भी सरकारी गवाह बनाया है। उसी ने शर्मा को सेक्टर-18 में सुनीता जहां रहती थी, वहां ड्रॉप किया था।
इनमें डॉ. शर्मा के आफिस में आने-जाने वालों की एंट्री करने वाले कर्मी को भी शामिल किया गया है। साथ ही सुनीता की शर्मा से मिलने आने के वक्त रजिस्टर में एंट्री का रिकार्ड भी बतौर सबूत शामिल किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने जिस प्रिंटिंग प्रेस में पेपर छपा था उसके कुछ कर्मियों को भी केस में गवाह बनाया है।
ओला कैब ड्राइवर को भी बनाया गवाह
चार्जशीट के मुताबिक, डॉ. शर्मा अक्सर सुनीता से मिलने सेक्टर-18 में जाता था, जहां वह रहती थी। इस दौरान डॉ. शर्मा कभी भी सरकारी गाड़ी नहीं ले गया। वह अक्सर ऑनलाइन टैक्सी बुक करता था।
पुलिस ने डॉ. शर्मा को ओला कैब से हाईकोर्ट से सेक्टर-18 में छोड़कर आने वाले एक ड्राइवर राजेश को भी सरकारी गवाह बनाया है। उसी ने शर्मा को सेक्टर-18 में सुनीता जहां रहती थी, वहां ड्रॉप किया था।
10 जुलाई को दिया था बलविंदर ने सुनीता को पेपर
exam
- फोटो : डेमो
पुलिस चार्जशीट के मुताबिक डॉ. बलविंदर शर्मा ने सुनीता को 10 जुलाई 2017 को पेपर सौंपा था। बलविंदर खुद इस दिन उसे सेक्टर-24 में मिलने गए थे। सुनीता ने डॉ. शर्मा को सेक्टर-23/24 की डिवाइडिंग रोड पर बुलाया था। शाम को 7 से 8 के बीच डॉ. शर्मा उससे मिलने गए थे। वहीं, उन्होंने सेक्टर-24 स्थित एक पार्क के पास सुनीता को पेपर दिया था। साथ ही उसकी आंसर शीट भी दी थी।
फरवरी में प्लानिंग के तहत बंद कर दी थी अपने फोन से बातचीत
डॉ. शर्मा और सुनीता ने पूरी प्लानिंग के तहत फरवरी 2017 में ही अपने-अपने मोबाइल नंबर से फोन पर बातचीत बंद कर दी थी। हालांकि, इससे पहले दोनों के बीच पिछले एक साल में साढ़े सात सौ से अधिक बार बातचीत और मैसेज भेजे गए थे। फरवरी में सुनीता ने जिस मंदिर में वह रहती है, उसके कैंटीन संचालक की मदद से अपनी रूममेट की आईडी और एक अन्य आईडी पर जियो के दो सिम लिए थे।
इन दोनों सिम से ही इसके बाद सुनीता और डॉ. शर्मा के बीच बातचीत होती थी। फरवरी से लेकर जुलाई तक दोनों के बीच 1152 बार फोन पर बात हुई। सुनीता ने फरवरी में ही पेपर लीक को लेकर प्लानिंग कर ली थी। इसके साथ ही उसने पेपर को आगे एक से डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने के लिए कोचिंग सेंटर से ही ऐसे कैंडीडेट तलाशने शुरू कर दिए थे, जो उसे पैसे दे सकें।
फरवरी में प्लानिंग के तहत बंद कर दी थी अपने फोन से बातचीत
डॉ. शर्मा और सुनीता ने पूरी प्लानिंग के तहत फरवरी 2017 में ही अपने-अपने मोबाइल नंबर से फोन पर बातचीत बंद कर दी थी। हालांकि, इससे पहले दोनों के बीच पिछले एक साल में साढ़े सात सौ से अधिक बार बातचीत और मैसेज भेजे गए थे। फरवरी में सुनीता ने जिस मंदिर में वह रहती है, उसके कैंटीन संचालक की मदद से अपनी रूममेट की आईडी और एक अन्य आईडी पर जियो के दो सिम लिए थे।
इन दोनों सिम से ही इसके बाद सुनीता और डॉ. शर्मा के बीच बातचीत होती थी। फरवरी से लेकर जुलाई तक दोनों के बीच 1152 बार फोन पर बात हुई। सुनीता ने फरवरी में ही पेपर लीक को लेकर प्लानिंग कर ली थी। इसके साथ ही उसने पेपर को आगे एक से डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने के लिए कोचिंग सेंटर से ही ऐसे कैंडीडेट तलाशने शुरू कर दिए थे, जो उसे पैसे दे सकें।
डॉ. शर्मा का लैपटॉप और पेन ड्राइव बनेगी अहम सबूत
exam
- फोटो : डेमो
पुलिस ने केस में डॉ. शर्मा का लैपटॉप, पेन ड्राइव और प्रिंटर भी बतौर सबूत पेश की है, जिसके जरिए उसने पेपर लीक किया था। हालांकि, डॉ. शर्मा लैपटॉप और पेन ड्राइव से पेपर डिलीट कर चुके थे, लेकिन पुलिस ने सीएफएसएल से इसे रिकवर करवा लिया था।
साथ-साथ जाते थे घूमने
पुलिस चार्जशीट के मुताबिक डॉ. शर्मा और सुनीता एक दूसरे को वर्ष 2014 से जानते थे। पुलिस चार्जशीट के अनुसार दिसंबर 2016 में दोनों साथ-साथ ब्रह्मसरोवर, थानेसर जिला कुरुक्षेत्र जाते थे। वहां ये दोनों अक्सर जाट धर्मशाला में रुकते थे। इसके बाद ये दोनों मार्च, अप्रैल, मई और जून 2017 में भी बाहर साथ-साथ घूमने गए थे। इसके अलावा भी दोनों कई बार अन्य राज्यों में एक साथ घूमने जाते थे।
साथ-साथ जाते थे घूमने
पुलिस चार्जशीट के मुताबिक डॉ. शर्मा और सुनीता एक दूसरे को वर्ष 2014 से जानते थे। पुलिस चार्जशीट के अनुसार दिसंबर 2016 में दोनों साथ-साथ ब्रह्मसरोवर, थानेसर जिला कुरुक्षेत्र जाते थे। वहां ये दोनों अक्सर जाट धर्मशाला में रुकते थे। इसके बाद ये दोनों मार्च, अप्रैल, मई और जून 2017 में भी बाहर साथ-साथ घूमने गए थे। इसके अलावा भी दोनों कई बार अन्य राज्यों में एक साथ घूमने जाते थे।