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एचसीएस पेपर लीक मामला में आरोपी आयुषी के पिता और मामा गिरफ्तार, इनामी थे दोनों
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 30 Sep 2018 02:05 PM IST
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एचसीएस पेपर लीक केस
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हरियाणा सिविल सर्विसेज (जूडिशियल) पेपर लीक मामले में एसआईटी ने आरोपी आयुषी के पिता और मामा को सेक्टर-43 के बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया है। जबकि सेकेंड टॉपर तेजिंदर विश्नोई अभी भी फरार है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुशील भादू (मामा) और सुभाष गोदारा (पिता) के रूप में हुई है। एसआईटी ने शनिवार आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर पांच दिन का रिमांड मांगा।
अदालत ने दलील सुनने के बाद आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब आरोपियों से पता करेगी कि उन्होंने पेपर कितने रुपये में और किस किसको बेचा। दोनों आरोपी पिछले कई महीनों से फरार चल रहे थे, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। शुक्रवार को एसआईटी को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी सेक्टर-43 के बस स्टैंड के पास घूम रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने ट्रैप लगाकर दोनों को दबोच लिया।
इससे पहले एसआईटी रजिस्ट्रार जज बलविंदर शर्मा, सुशीला, सनील चोपड़ा, सुनीता और उसके भाई कुलदीप के अलावा आयुषी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपी सुभाष और सुशील और सेकेंड टॉपर तेजिंदर विश्नोई का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें समन भेजा था लेकिन ये सभी फरार हो गए। इसके बाद पुलिस इनकी धरपकड़ के लिए कई बार रेड भी की लेकिन इन आरोपियों का कुछ नहीं पता चला। इसके बाद पुलिस ने इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रख दिया था।
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यह था मामला
पिंजौर निवासी सुमन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एचसीएस जूडिशियल का पेपर डेढ़ करोड़ रुपये में बिकने और उसे भी पेशकश होने की बात कही थी। सुमन ने अपनी कोचिंग क्लास की साथी सुशीला से लेक्चर की ऑडियो क्लिप मंगाई थी, लेकिन उसने गलती से मामले से संबंधित सुनीता से हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप भेज दी। इसमें पेपर में आने वाले प्रश्नों पर हुई बातचीत रिकॉर्ड थी।
सुमन की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपने स्तर पर जांच की। इसमें पाया कि हाईकोर्ट के ही रिक्रूटमेंट सेल के इंचार्ज रजिस्ट्रार बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर साल भर में सैंकड़ों बार बात हुई है और सुनीता ही परीक्षा में टॉपर रही थी। सुशीला नाम की दूसरी लड़की रिजर्व कैटेगरी की टॉपर बनी थी।
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अदालत ने दलील सुनने के बाद आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब आरोपियों से पता करेगी कि उन्होंने पेपर कितने रुपये में और किस किसको बेचा। दोनों आरोपी पिछले कई महीनों से फरार चल रहे थे, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। शुक्रवार को एसआईटी को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी सेक्टर-43 के बस स्टैंड के पास घूम रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने ट्रैप लगाकर दोनों को दबोच लिया।
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इससे पहले एसआईटी रजिस्ट्रार जज बलविंदर शर्मा, सुशीला, सनील चोपड़ा, सुनीता और उसके भाई कुलदीप के अलावा आयुषी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपी सुभाष और सुशील और सेकेंड टॉपर तेजिंदर विश्नोई का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें समन भेजा था लेकिन ये सभी फरार हो गए। इसके बाद पुलिस इनकी धरपकड़ के लिए कई बार रेड भी की लेकिन इन आरोपियों का कुछ नहीं पता चला। इसके बाद पुलिस ने इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रख दिया था।
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यह था मामला
पिंजौर निवासी सुमन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एचसीएस जूडिशियल का पेपर डेढ़ करोड़ रुपये में बिकने और उसे भी पेशकश होने की बात कही थी। सुमन ने अपनी कोचिंग क्लास की साथी सुशीला से लेक्चर की ऑडियो क्लिप मंगाई थी, लेकिन उसने गलती से मामले से संबंधित सुनीता से हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप भेज दी। इसमें पेपर में आने वाले प्रश्नों पर हुई बातचीत रिकॉर्ड थी।
सुमन की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपने स्तर पर जांच की। इसमें पाया कि हाईकोर्ट के ही रिक्रूटमेंट सेल के इंचार्ज रजिस्ट्रार बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर साल भर में सैंकड़ों बार बात हुई है और सुनीता ही परीक्षा में टॉपर रही थी। सुशीला नाम की दूसरी लड़की रिजर्व कैटेगरी की टॉपर बनी थी।