राहतः एचसीएस जूडिशियल पेपर लीक मामले में आरोपी आयुषी को हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
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हरियाणा सिविल सर्विसिस (एचसीएस) जूडिशियल पेपर लीक मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी छात्रा आयुषी को अंतरिम जमानत दे दी है। इसके साथ ही सामान्य वर्ग की टॉपर सुनीता के भाई कुलदीप सिंह की जमानत याचिका पर चंडीगढ़ पुलिस को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। कुलदीप की जमानत पर हाईकोर्ट अब 14 नवंबर को सुनवाई करेगा।
गत वर्ष 16 जुलाई को हुई एचसीएस (जूडिशियल) की परीक्षा के बाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर बताया गया था कि इस परीक्षा का प्रश्न पत्र डेढ़ करोड़ रूपए में बेचा गया है। मामले में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार विजिलेंस की जांच में आरोप सही पाए और इस मामले में रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर शर्मा को दोषी करार दे उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने की शिफारिश कर दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यह मामला सिंगल बेंच से तीन जजों की फुल बेंच को रेफर कर दिया गया। उसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट ने अपने पास सुनवाई के लिए मंगवा लिया लेकिन महीने बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने मामला दोबारा हाईकोर्ट की फुल बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया था। अब चीफ जस्टिस पर आधारित फुल बेंच केस की सुनवाई कर रही है।
12 अक्तूबर को मुख्य आरोपी हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर कुमार शर्मा सहित इस पेपर में सामान्य वर्ग में टॉप करने वाली सुनीता और आरक्षित वर्ग में टॉप करने वाली सुशीला और अन्य आरोपी सुनील कुमार उर्फ टीटू को हाईकोर्ट ने सशर्त अंतरिम जमानत दे दी थी। अब आयुषी और कुलदीप की जमानत पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। आयुषी के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि आयुषी की इस पूरे मामले में जो भूमिका बताई गई है वह यह है कि उसका फोन मुख्य आरोपी सुनीता ने इस्तेमाल किया था। सिर्फ उसके फोन के इस्तेमाल करने से उसे इस अपराध में नहीं फंसाया जा सकता।