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Hindi News ›   Chandigarh ›   HC notice to Punjab Government and Employees Union on strike of employees in Faridkot Medical College

Punjab News: हड़ताल के चलते अस्पताल में मरीज बेहाल, पंजाब सरकार व कर्मचारी यूनियन को HC का नोटिस

Tue, 06 Jun 2023 01:07 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 06 Jun 2023 01:07 AM IST
सार

कोर्ट को बताया गया कि हड़ताली कर्मी ट्रॉमा सेंटर, ब्लड बैंक आदि के प्रवेश व निकास द्वार पर बैठे हैं जिसके चलते यह आपात सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अभी तक डॉक्टर हड़ताल का हिस्सा नहीं है लेकिन संबंधित स्टाफ के हड़ताल पर होने के चलते वह मरीजों को देख नहीं पा रहे हैं।

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HC notice to Punjab Government and Employees Union on strike of employees in Faridkot Medical College
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फरीदकोट की बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस की यूनाइटेड एम्पलॉयज यूनियन की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते मरीजों के बेहाल होने का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस विषय को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार, यूनिवर्सिटी व यूनियन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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फरीदकोट के गैर-सरकारी संगठन के प्रधान प्रवीण कुमार ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि अपनी मांगों को लेकर गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मियों ने सेवा नियम, प्रमोशन व अन्य मांगों पर विचार न होने के चलते हड़ताल का निर्णय लिया था और बाद में इसे अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया गया। 
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नर्स समेत अन्य स्टाफ के हड़ताल पर जाने के चलते मरीजो की दशा दयनीय हो गई है। याची ने कहा कि इस अस्पताल में राजस्थान, जम्मू, उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी मरीज इलाज कराने आते हैं। हड़ताल के चलते मरीजों को अस्पताल में दाखिल नहीं किया जा रहा है।
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याची के वकील मंदीप कुमार धोत ने बेंच को बताया कि हड़ताल के चलते आईसीयू, ब्लड़ बैंक व अन्य टेस्ट की सेवा प्रभावित हो रही हैं। यह हड़ताल अनुचित है व मरीजो के प्रताड़ित करने वाली है। याची पक्ष की ओर से मांग की गई कि हड़ताल के चलते मरीज प्रभावित न हो इसके लिए कोई वैकल्पिक उपाय अपनाने का आदेश दिया जाए। 


कोर्ट को बताया गया कि हड़ताली कर्मी ट्रॉमा सेंटर, ब्लड बैंक आदि के प्रवेश व निकास द्वार पर बैठे हैं जिसके चलते यह आपात सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अभी तक डॉक्टर हड़ताल का हिस्सा नहीं है लेकिन संबंधित स्टाफ के हड़ताल पर होने के चलते वह मरीजों को देख नहीं पा रहे हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सभी प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने का आदेश दिया है।

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