फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Hawara case: Five thousand fine on Punjab government for repeatedly asking for time

हवारा मामला : बार-बार समय मांगने पर पंजाब सरकार पर पांच हजार जुर्माना, कोर्ट ने कहा- स्वीकार नहीं यह रवैया

Sun, 01 May 2022 01:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 01 May 2022 01:48 AM IST
सार

देशद्रोह मामले में अग्रिम जमानत के लिए जगतार सिंह हवारा ने हाईकोर्ट में दाखिल की है याचिका। राज्य सरकार जवाब के लिए बार-बार मांग रही समय।
 

विज्ञापन
Hawara case: Five thousand fine on Punjab government for repeatedly asking for time
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार सिंह हवारा द्वारा सोहाना में देशद्रोह और अन्य धाराओं में दर्ज मामले में अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर बार-बार जवाब के लिए समय मांगना पंजाब सरकार को भारी पड़ गया। बार-बार समय मांगने के चलते हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर पांच  हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह राशि पीजीआई पुअर पेशेंट फंड में जमा करवानी होगी।

विज्ञापन


पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में बम धमाके के जरिए हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जगतार सिंह हवारा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हवारा इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहा है। इसके बाद जगतार सिंह हवारा के खिलाफ मोहाली के सोहाना पुलिस थाने में 13 जून 1998 को देशद्रोह और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। 
विज्ञापन


हवारा ने बताया है कि सोहाना में दर्ज इस एफआईआर की उसे जानकारी ही नहीं थी। तिहाड़ जेल में उसे यह सूचना मिली जिसके बाद 2019 में मोहाली  जिला अदालत में अर्जी दायर कर उसने इस केस के स्टेटस की जानकारी मांगी थी, यह अर्जी अभी तक लंबित है। इस एफआईआर के अन्य छह आरोपी बरी हो चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला अदालत में मांग कर दी थी खारिज
इस केस में याचिकाकर्ता से कोई रिकवरी भी नहीं की जा जानी है। हवारा ने पहले इस मामले में मोहाली की जिला अदालत से अग्रिम जमानत मांगी थी। मार्च 2021 में जिला अदालत ने उनकी मांग को खारिज कर दिया गया था। जिला अदालत से याचिका खारिज होने के बाद याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इस मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। 


इस बार भी जवाब के लिए पंजाब सरकार ने मोहलत मांगी। हाईकोर्ट ने कहा पहले दो बार सरकार ने समय मांगा और अब एक एसआई को मोहाली से भेजा गया सिर्फ यह बताने के लिए कि जवाब तैयार नहीं है। इस रवैये को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। लिहाजा हाईकोर्ट ने सरकार को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने के आदेश देते हुए जुर्माना लगा दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed