Mohali News: पार्क में तीन युवकों को पीटने वाले हवलदार और कांस्टेबल पर गिरी गाज, दोनों को निलंबित किया गया
डीएसपी सिटी हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि यह बात भी साफ हुई है कि पीड़ित लड़कों को निजी गाड़ी में लेकर आए थे। ड्यूटी अफसर भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने अन्य पुलिस मुलाजिमों को हिदायत दी है कि वे जनता के साथ अच्छे तरीके से पेश आएं।
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मोहाली के फेज-नौ के तीन युवकों को पहले पार्क और फिर जबरदस्ती थाने ले जाकर बेरहमी से पीटने के मामले में जिला पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी हवलदार हरप्रीत सिंह और कांस्टेबल सुपिंदर सिंह हैं। इसके अलावा पीड़ितों को थाने ले जाने में आरोपियों की मदद करने वाले पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ विभागीय जांच होगी।
डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि उन्हें लगता है कि अगर कोई मुलाजिम धक्केशाही कर रहा है तो तुरंत शिकायत सीनियर अधिकारियों को दें।
फेज-नौ निवासी हरविंदर सिंह पार्क में बैठकर मोबाइल में वीडियो देख रहा था। इस दौरान पार्क में सिविल कपड़ों में आए दो पुलिस कर्मचारियों की आपस में किसी बात को लेकर बहसबाजी हो गई। इस दौरान उन्हें लगा कि हरविंदर सिंह उनका वीडियो बना रहा है। इसके बाद दोनों पुलिस मुलाजिमों ने पहले उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। फिर उसे खूब पीटा। जब उनके चचेरे भाई मदद को पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी पीटा।
इसके बाद मौके पर आए सात-आठ पुलिस कर्मचारी दोनों पीड़ितों को पकड़कर थाने ले गए। वहां भी उन्हें पीटा गया। बाद में उनसे जबरदस्ती राजीनामा लिखवाकर छोड़ दिया गया। इसके बाद युवाओं ने इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव को शिकायत दी। इसके साथ ही यह मामला मीडिया तक पहुंच गया।
अब देखो पंजाब पुलिस की सेवा क्या होती है
पीड़ितों ने बताया कि उन्हें छह पुलिस मुलाजिम पार्क से उठाकर सीधे थाने ले गए। वहां पर उन्हें बेरहमी से पीटा गया। उनका कहना था कि देखो पंजाब पुलिस की सेवा क्या होती है। इस दौरान पुलिस मुलाजिमों के डंडे तक टूट गए। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने अपने मोबाइल तक आरोपियों को सौंप दिया था। उन्होंने टूटे हुए डंडे भी दिखाए।
निजी गाड़ी में थाने लेकर गए थे
डीएसपी सिटी हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि यह बात भी साफ हुई है कि पीड़ित लड़कों को निजी गाड़ी में लेकर आए थे। ड्यूटी अफसर भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने अन्य पुलिस मुलाजिमों को हिदायत दी है कि वे जनता के साथ अच्छे तरीके से पेश आएं।