{"_id":"8c236bb5695c22e3cb2e7ccf764224fd","slug":"hathvir-showing-the-pain-of-unemployed-youth","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘हाथवीर’ में में कुछ यूं झलका बेरोजगार युवाओं का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘हाथवीर’ में में कुछ यूं झलका बेरोजगार युवाओं का दर्द
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 02 Feb 2014 09:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन हाथों के रहते हुए भी मैं कुछ नहीं कर पाया तो इनके ना रहने का भी कोई गम नहीं। यह डायलॉग थे उस अभिनेता के जो अपने हाथों को काट कर अपनी बेरोजगारी का दुख बयान करता है।
विज्ञापन
प्लाजा-17 में हुए नुक्कड़ नाटक ‘हाथवीर’ में बेरोजगारी के दर्द को बयान किया गया। यह नाटक रोजगार अधिकार आंदोलन द्वारा करवाया गया।
नाटक में एक युवक बेरोजगारी के चलते अपने हाथों को काट देता है और फिर अपने उन सपनों को बयान करता है, जो वह अकसर देखता था। नाटक का मकसद ‘राइट टू इंप्लायमेंट’ की आवाज को उठाना है।
विज्ञापन