फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Women prisoner, jail, child, studends, teaching

हरियाणा की जेलों में सजा काट रहीं महिला कैदियों के बच्चे भी कर सकेंगे पढ़ाई

Tue, 16 Aug 2016 07:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़ Updated Tue, 16 Aug 2016 07:42 PM IST
विज्ञापन
Haryana Women prisoner, jail, child, studends, teaching
स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala

विज्ञापन
हरियाणा की जेलों में सजा काट रहीं महिला कैदियों के छह वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को अब पढ़ाई के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी। हाल ही में जेल प्रशासन ने एक एनजीओ के साथ करार किया है। इसके तहत बच्चों की पढ़ाई, खानपान सहित उनके रहने का भी इंतजाम संस्था की ओर से किया जाएगा। इससे हरियाणा की जेलों में बंद करीब सौ बच्चों के भविष्य को अंधकारमय होने से बचाया जा सकेगा।

हरियाणा की जेलों में बंद करीब 18 हजार कैदियों में से 750 के करीब महिला कैदी हैं। अलग-अलग मामलों में जेलों में सजा काट रही या विचाराधीन कैदियों के बच्चों की आयु छह साल (जिन्हें घर में रखने वाला कोई नहीं है) पूरी होने पर उन्हें किसी संस्था या अनाथालय भेज दिया जाता था, लेकिन इस स्थिति में बच्चों की पढ़ाई, रहनसहन और खानपान की भी उनकी माताओं की चिंता सताती रहती थी।
विज्ञापन


जेल प्रशासन के मुताबिक कई बार कैदियों के परिजन भी बच्चों (छह साल की उम्र पूरी करने पर) को रखने से इंकार कर देते हैं। ऐसे में पंजाब की एक संस्था सरबत का भला के साथ समझौता किया है। संस्था ने ऐसे सभी बच्चों की पढ़ाई और खानपान के अलावा उनके रहने के लिए भी इंतजाम करने का भरोसा दिया है। इससे बच्चों को अनाथालय में नहीं रहना होगा और न ही उनकी माताओं को पढ़ाई की चिंता सताएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


-----
संस्था के साथ करार किया गया है, ताकि छह साल की उम्र पूरी होने पर बच्चों को रहने, पढ़ने सहित अन्य सुविधाएं मिल सके। अब तक यह सुविधा न होने के कारण बच्चों के भविष्य को लेकर महिला कैदियों की चिंता बनी रहती थी।
- यशपाल सिंघल, डीजी, जेल (हरियाणा)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed