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Chandigarh News: राजस्थान को मिलेगा पानी, अंडरग्राउंड बिछाई जाएगी पाइपलाइन

Sun, 18 Feb 2024 02:34 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Feb 2024 02:34 AM IST
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Haryana will give water to Rajasthan
राजस्थान को मिलेगा पानी, अंडरग्राउंड बिछाई जाएगी पाइपलाइन
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हरियाणा-राजस्थान के बीच समझौता : चार महीने में विस्तृत परियोजना बनाने के निर्देश
सिर्फ तय समय में मिलेगा पानी, जुलाई से अक्तूबर के बीच राजस्थान को मिलेगा 577 एमसीएम पानी
हरियाणा से 2500 क्यूसिक की चार अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछेगी

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा मानसून के दौरान यमुना में बहने वाले बरसाती पानी से राजस्थान के तीन जिलों की प्यास बुझाएगा। इसके लिए शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत की मौजूदगी में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा के बीच सहमति बनी है। दोनों राज्यों के बीच डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का समझौता हुआ है। समझौते के तहत बरसात के दिनों में यमुना नदी के जरिये जो पानी बह जाता था, उसे स्टोर कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। हरियाणा से 2500 क्यूसिक की चार अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछेगी। इनमें से तीन पाइपलाइन से राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझनू की प्यास बुझाई जाएगी। वहीं, चौथी पाइपलाइन से हरियाणा के तीन जिलों भिवानी, चरखी दादरी व हिसार के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी की आवश्यकता पूरी की जाएगी। समझौते के तहत राजस्थान को जुलाई से अक्तूबर के बीच 577 एमसीएम (मिलियन क्यूविक मीटर) पानी मिलेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली के साथ जैसा समझौता हमारा चल रहा है, वह भी इसमें शामिल होगा। हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने बताया कि समझौते के तहत यमुना से हरियाणा को पानी मानसून अवधि के दौरान ही दिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि ऊपरी यमुना बेसिन में तीन वाटर स्टोरेज रिर्वेय बनाए जाएंगे, जो रेणुकली, लखवार और किशाऊ पर बनाए जाएंगे। हथिनीकुंड बैराज से यहां तय समय में पानी पहुंचाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल राजस्थान कर सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा की पश्चिमी यमुना नहर( डब्ल्यूजेसी) की क्षमता 18000 क्यूसिक से बढ़ाकर 24000 क्यूसिक कर दी गई है।

चार महीने में डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य
समझौते के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने बताया कि राजस्थान व हरियाणा के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। डीपीआर तैयार करने के लिए चार महीने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना काफी सालों से लटकी हुई थी। यह समझौता राजस्थान के लिए ऐतिहासिक है। यह सब हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच आपसी सहयोग की भावना से ही संभव हो सका है।
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कांग्रेस की सरकार करती थी अनदेखी
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि वह हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह का आभार जताते हैं। उन्होंने कहा कि बहुत लंबे समय से बरसाती पानी के सदुपयोग के लिए यह लंबित योजना थी। कांग्रेस की सरकार ने कभी इन तरीकों पर ध्यान नहीं दिया। हमारे तीन जिले चुरू,सीकर और झुंझुनू में पानी की बहुत दिक्कत है, जिनमें पानी की किल्लत दूर होगी।
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बाढ़ से बचाव होगा : मनोहर लाल
सीएम मनोहर लाल ने बताया कि इस परियोजना से जुलाई से अक्तूबर के बीच बरसात के पानी के बेहतर उपयोग हो सकेगा। उन्होंने कहा कि डब्लूजेसी की बढ़ी क्षमता से पूरे प्रदेश को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि कई बार ज्यादा बारसात होने से बाढ़ का खतरा रहता था। अब ऐसा खतरा नहीं होगा। अब इस पानी का इस्तेमाल राजस्थान के साथ हरियाणा भी कर सकेगा।
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