हरियाणा कैबिनेट का फैसला: विधानसभा का शीतकालीन सत्र 17 दिसंबर से, अवधि तीन दिन प्रस्तावित
हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 17 दिसंबर से शुरू होकर 21 दिसंबर तक चलेगा। मंत्रिमंडल बैठक में इसे मंजूरी दी गई। सत्र की अवधि पर कार्य सलाहकार समिति अंतिम मुहर लगाएगी। 17 दिसंबर को शुक्रवार के दिन पहली सदन की पहली बैठक होगी। उसके बाद शनिवार व रविवार को अवकाश रहेगा। 20 व 21 दिसंबर को सदन की बैठकें कार्य अनुसार चलेंगी। आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित किए जाने वाले विशेष सत्र की तारीख पर अभी फैसला नहीं लिया गया है।
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हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 17 दिसंबर से शुरू होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। कार्य के हिसाब से सत्र की अवधि तीन दिन प्रस्तावित की गई है। अवधि पर अंतिम मुहर सत्र शुरू होने से पहले कार्य सलाहकार समिति की बैठक में लगेगी। इसमें स्पीकर, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, संसदीय कार्य मंत्री व अन्य सदस्य शामिल रहेंगे।
संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल ने मंत्रिमंडल बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्तमान में तय कार्य अनुसार सत्र के लिए तीन दिन की अवधि का प्रस्ताव रखा है। विधानसभा सचिवालय को इससे पत्र के जरिये अवगत करवा दिया जाएगा। स्पीकर इसके बाद राज्यपाल से सत्र आहूत करने की अनुमति लेंगे। कार्य सलाहकार समिति की बैठक में विपक्ष की मौजूदगी में सत्र की अवधि पर 17 दिसंबर को ही मुहर लगेगी। मंत्रिमंडल बैठक में अन्य निर्णय भी लिए गए हैं।
मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी: सक्षम सलाहकारों, पेशेवरों, विशेषज्ञों की कमी बनी चुनौती
सरकारी योजनाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ सिरे चढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार निजी कंपनी का सहारा लेगी। सरकारी विभागों में सक्षम सलाहकारों, पेशेवरों और विशेषज्ञों की कमी चुनौती बनी हुई है, जिसे देखते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्मार्ट गवर्नमेंट (एनआईएसजी) के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया गया है।
गुरुवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर को मंजूरी दे दी गई। समझौता हस्ताक्षर करने की तिथि से पांच साल तक मान्य होगा, इसे दोनों पक्ष सहमति के साथ पांच साल तक आगे बढ़ा सकेंगे।
मंत्रिमंडल में चर्चा की गई कि सरकार विभागों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का सुचारू वितरण सुनिश्चित करने का ठोस प्रयास कर रही है। विभाग अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार, योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा व युक्तिकरण कर रहे हैं। ऐसे में समयबद्ध तरीके से गुणवत्ता के साथ सेवाएं प्रदान करने में कठिनाई आ रही है।
कार्यक्रमों के मिशन, विजन और लक्ष्यों को परिभाषित करने के साथ विजन को हकीकत में बदलने की रणनीति तैयार करने के लिए एनआईएसजी के साथ एमओयू करना जरूरी है। इससे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र से अनुभव और विशेषज्ञता प्राप्त कर विभागीय क्षमताओं में वृद्धि और सुधार किया जाएगा।
ये काम चढ़ेंगे सिरे
सरकार इस समय प्रदेश में 456 सेवाओं का लाभ परिवार पहचान पत्र के माध्यम से जनता को दे रही है। 25 दिसंबर 2021 से 611 सेवाएं जनता को पीपीपी के जरिये मुहैया कराई जानी हैं। इसके अलावा हजारों करोड़ रुपये की अनेक सरकारी योजनाएं आगामी वर्षों में धरातल पर उतारी जानी हैं।
एक दिसंबर से पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे स्कूल
एक दिसंबर से हरियाणा के सभी सरकारी और निजी स्कूल पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे। एनसीआर के चार जिलों में प्रदूषण अधिक होने के कारण स्कूलों को बंद किया है। उस समय की स्थिति के हिसाब से इन्हें खोलने का फैसला लेंगे। कोविड मानकों का पूरा पालन होगा।
2002 में केंद्र सरकार ने पीपीपी मॉडल पर बनाई कंपनी
केंद्र सरकार ने वर्ष 2002 में सार्वजनिक-निजी-साझेदारी (पीपीपी) मॉडल पर नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्मार्ट गवर्नमेंट (एनआईएसजी) की स्थापना गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में की थी। सचिव, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इसके अध्यक्ष नियुक्त किए गए। स्मार्ट गवर्नेंस, प्रक्रिया सुधार और डिजिटलीकरण में सरकारों की सहायता के लिए एनआईएसजी को ई-गवर्नेंस में उत्कृष्टता संस्थान के रूप में विकसित किया गया है। एनआईएसजी ई-गवर्नेंस पहलों में सबसे अग्रणी रहा है। इसने सरकारी प्रक्रियाओं में सुधार एवं सेवा वितरण प्रणाली की स्थापना में योगदान दिया है।
सरकारी योजनाएं सिरे चढ़ाने के लिए हुए समझौता ज्ञापन के अनुसार ये कर सकेंगे
- सरकार और एनआईएसजी नोडल अधिकारी के रूप में समन्वयक नामित कर सकेंगे
- समय-समय पर विभिन्न गतिविधियों के कार्यक्रम की योजना, क्रियान्वयन, निगरानी और समीक्षा
- परियोजनाओं या असाइनमेंट के लिए क्षेत्रों की पहचान
- सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले संबंधित सचिवों, विभागाध्यक्षों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्ड, संगठनों, संस्थानों और निकायों के समझौतों को अलग से दर्ज करना
- सहयोगी परियोजनाओं से संबंधित सूचनाओं और दस्तावेजों का आदान-प्रदान
- सहकारी गतिविधियों से संबंधित कार्यक्रमों, गतिविधियों, प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग, विकास से संबंधित कार्यों पर अपडेट
- पर्याप्त वित्त, मानवशक्ति, सामग्री एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता पर दायित्वों एवं जिम्मेदारियों को पूरा करने का प्रयास
- विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्ड, संगठनों, संस्थानों और निकाय एनआईएसजी को कार्य सौंपेंगे
परिवहन विभाग में ग्रुप बी के नए सेवा नियम
मंत्रिमंडल ने परिवहन विभाग हरियाणा (ग्रुप बी) सेवा नियम, 2021 को स्वीकृति दे दी है। कर्मचारियों की सेवा शर्तों के शासन और विभाग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रभावी एवं प्रगतिशील सेवा नियम लागू करना जरूरी हो चुका है। तदनुसार, विभाग ने ग्रुप बी कर्मचारियों के लिए व्यापक सेवा नियमावली का मसौदा तैयार किया है। ये नियम राजपत्र मेंप्रकाशन की तिथि से लागू होंगे।