Haryana: 1297 नई बसें खरीदेगा विभाग, निजी कंपनियों से होगा मोलभाव, बेड़े में अगले साल तक होंगी चार हजार बसें
परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने बताया कि सबसे पहले मिनी बसें आएंगी। कंपनी को सप्लाई ऑर्डर मिलने के बाद 4 से 6 महीने में सारी बसें मुहैया करानी होंगी। पहली बस देने के लिए कंपनी को 45 दिन मिलेंगे। 75 दिन में 10 बसें बनाकर सौंपनी पड़ेंगी।
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हरियाणा रोडवेज के बेड़े में अप्रैल-2023 तक लगभग 4 हजार बसें हो जाएंगी। परिवहन विभाग 1297 बसें खरीदने की पूरी तैयारी कर चुका है। अब सरकार की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की मुहर का इंतजार है। समिति की जल्द होने वाली बैठक में बसों के रेट पर निजी कंपनियों के साथ मोलभाव होगा।
विभाग ने अप्रैल तक 150 हीटिंग वेंटिलेशन एयर कंडीशन, 147 मिनी और 1000 बनी बनाई साधारण बसें बेड़े में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। अभी रोडवेज बेड़े में लगभग 2626 बसें हैं। नई बसों के बेड़े में शामिल होने से जनता को अनेक रूट पर सेवाएं मिलने लगेंगी। बसों की कमी के कारण लंबी दूरी और ग्रामीण क्षेत्र के अनेक रूट बंद हैं। बेड़ा बढ़ने से बसों की फ्रीक्वेंसी सभी रूट पर बढ़ जाएगी। शहरों में चलने वाली मिनी बसों में भी इजाफा होगा।
परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने बताया कि सबसे पहले मिनी बसें आएंगी। कंपनी को सप्लाई ऑर्डर मिलने के बाद 4 से 6 महीने में सारी बसें मुहैया करानी होंगी। पहली बस देने के लिए कंपनी को 45 दिन मिलेंगे। 75 दिन में 10 बसें बनाकर सौंपनी पड़ेंगी। उसके बाद नियमित अंतराल पर बसें ली जाएंगी। हीटिंग वेंटिलेशन एयर कंडीशन बसों में गर्मियों में एसी, सर्दियों में हीटर चलेगा। अगर ये दोनों नहीं चलते हैं तो वेंटिलेशन का प्रावधान रहेगा। हरियाणा पहली बार इन बसों की खरीद करने जा रहा है। हीटिंग वेंटिलेशन एयर कंडीशन बसों की मरम्मत का काम दस साल तक निर्माता कंपनी ही करेगी। रोडवेज वर्कशॉप पर इनकी मरम्मत का बोझ नहीं पड़ेगा। इन बसों की बुक वैल्यू भी दस साल ही है।
अनेक कंपनियों से लेंगे 1000 बसें
परिवहन विभाग ने एक हजार बसों की खरीद के लिए टेंडर निकाल दिया है। कंपनियों के आवेदन आ चुके हैं। भारत स्टेज-6 की ये बसें एक नहीं, बल्कि अनेक कंपनियों से ली जाएंगी। इन्हें चार महीने के अंदर अशोका लेलैंड, टाटा और आयशर कंपनी से लेने की योजना है। इनकी मरम्मत का काम रोडवेज वर्कशाप में ही होगा। नवंबर-दिसंबर में कंपनियों को खरीद आर्डर जाने की उम्मीद है।