{"_id":"5a34b5e64f1c1b7a548c3505","slug":"haryana-top-brass-begin-chintan-shivir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चिंतन शिविर: पहाड़ की चोटी से तैयार हो रहा भविष्य के हरियाणा का ब्लू प्रिंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिंतन शिविर: पहाड़ की चोटी से तैयार हो रहा भविष्य के हरियाणा का ब्लू प्रिंट
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 16 Dec 2017 11:27 AM IST
विज्ञापन
Haryana Government 'Chintan Shivir'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों से जुड़े एग्जिट पोल के दावों से उत्साहित हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने सिपहसलारों के साथ शुक्रवार को हिमाचल की वादियों का रुख किया। परवाणू स्थित टिंबर ट्रेल में तीन दिन तक राज्य सरकार यहां से 2030 के हरियाणा का ब्लू प्रिंट तैयार करेगी।
चिंतन शिविर के पहले दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सूबे की अफसरशाही को सरकार का विजन डॉक्यूमेंट समझा दिया है। अधिकारियों को फाइव-सी का फार्मूला बताते हुए उन्होंने कहा कि अफसरों को सीबीआई, कोर्ट, केंद्रीय विजिलेंस आयोग, कैग और केंद्रीय सूचना आयोग से डरने की जरूरत नहीं है। यह रोजना कहीं न कहीं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के भय का कारण बने रहते हैं।
पहाड़ की चोटी से लौटकर अधिकारियों को इस डॉक्यूमेंट के हिसाब से काम करना होगा। यहां पहले दिन मनोहर लाल ने अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने का पाठ पढ़ाने के साथ सरकार के साथ सामंजस्य बिठाने का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी चिंतन शिविर के दौरान दूरदर्शी सोच दिखाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिंतन शिविर के पहले दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सूबे की अफसरशाही को सरकार का विजन डॉक्यूमेंट समझा दिया है। अधिकारियों को फाइव-सी का फार्मूला बताते हुए उन्होंने कहा कि अफसरों को सीबीआई, कोर्ट, केंद्रीय विजिलेंस आयोग, कैग और केंद्रीय सूचना आयोग से डरने की जरूरत नहीं है। यह रोजना कहीं न कहीं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के भय का कारण बने रहते हैं।
विज्ञापन
पहाड़ की चोटी से लौटकर अधिकारियों को इस डॉक्यूमेंट के हिसाब से काम करना होगा। यहां पहले दिन मनोहर लाल ने अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने का पाठ पढ़ाने के साथ सरकार के साथ सामंजस्य बिठाने का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी चिंतन शिविर के दौरान दूरदर्शी सोच दिखाएं।
विज्ञापन
Haryana Government 'Chintan Shivir'
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राजनेता और नौकरशाह मिलकर एक टीम के रूप में काम करते हैं तो आने वाली पीढ़ी के लिए राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि वे क्षेत्रीय या जातिगत सोच से ऊपर उठकर नीति निर्धारण करने में सरकार का सहयोग करे।
उन्होंने कहा कि एक राजनेता सिर्फ अगले पांच वर्ष के लिए कार्य करने की सोचता है और एक प्रशासनिक अधिकारी आज उसकी मेज पर क्या कार्य है, वही करने की सोचता है। लेकिन आज के इस चिंतन से हमें एक स्टेट्समैन की तरह कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए। एक स्टेट्समैन पांच पीढ़ियों के लिए कार्य करने की सोच रखता है।
अफसरों के सामने दिया रामचरित मानस का उदाहरण
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2030 का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और प्रशासनिक सचिव उसी पर कार्य करें। हरियाणा कैसा बने, इसके अनुरूप नीति निर्धारित करें। एक प्रशासनिक अधिकारी को जनहित में अपनी ताकत पहचाननी चाहिए। मुख्यमंत्री ने रामचरित मानस के सुंदर कांड का उदाहरण देते हुए कहा कि हनुमान को लंका जाने के दौरान समुद्र पार करने के लिए जामवंत ने ही उन्हें उनकी ताकत का अहसास करवाया था। इसी के बाद हनुमान समुद्र पार करने में सफल रहे।
उन्होंने कहा कि एक राजनेता सिर्फ अगले पांच वर्ष के लिए कार्य करने की सोचता है और एक प्रशासनिक अधिकारी आज उसकी मेज पर क्या कार्य है, वही करने की सोचता है। लेकिन आज के इस चिंतन से हमें एक स्टेट्समैन की तरह कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए। एक स्टेट्समैन पांच पीढ़ियों के लिए कार्य करने की सोच रखता है।
अफसरों के सामने दिया रामचरित मानस का उदाहरण
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2030 का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और प्रशासनिक सचिव उसी पर कार्य करें। हरियाणा कैसा बने, इसके अनुरूप नीति निर्धारित करें। एक प्रशासनिक अधिकारी को जनहित में अपनी ताकत पहचाननी चाहिए। मुख्यमंत्री ने रामचरित मानस के सुंदर कांड का उदाहरण देते हुए कहा कि हनुमान को लंका जाने के दौरान समुद्र पार करने के लिए जामवंत ने ही उन्हें उनकी ताकत का अहसास करवाया था। इसी के बाद हनुमान समुद्र पार करने में सफल रहे।
Haryana Government 'Chintan Shivir'
यह प्रशिक्षण नहीं ब्रेन स्टॉर्म
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी आज के चिंतन शिविर को प्रशिक्षण का हिस्सा न समझें, बल्कि इसे नीति निर्धारण के लिए ब्रेन स्टॉर्म समझें। उन्होंने कहा कि समाज का एक वर्ग धन बल के प्रभाव से कार्य करवा लेता है।
मध्यम वर्ग चाहता है कि कानून एवं व्यवस्था ठीक हो और उसकी जिंदगी ठीक से चले। निम्न वर्ग को समान अवसर, त्वरित सेवाएं, कल्याणकारी योजनाओं की आवश्कता है। इसके लिए हमें एक टीमवर्क में काम करना होगा। नौकरशाह चूंकि सत्ता की कुंजी होते है। इसलिए इन्हें जनहित में एक सेवक के रूप में सेवा करने के लिए अपनी कुंजी का इस्तेमाल करना चाहिए।
आने वाले समय में दिखेगा हरियाणा का लिंगानुपात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 22 जनवरी, 2015 को पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। उस समय हरियाणा सरकार के लिए यह एक चुनौती थी, लेकिन सरकारी प्रयासों व लोगों के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाया गया और उन्हें खुशी है कि हरियाणा ने देश को लिंगानुपात सुधार में एक दिशा दी है। आज के हरियाणा में लिंगानुपात सुधार के परिणाम 15-20 वर्ष बाद देखने को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी आज के चिंतन शिविर को प्रशिक्षण का हिस्सा न समझें, बल्कि इसे नीति निर्धारण के लिए ब्रेन स्टॉर्म समझें। उन्होंने कहा कि समाज का एक वर्ग धन बल के प्रभाव से कार्य करवा लेता है।
मध्यम वर्ग चाहता है कि कानून एवं व्यवस्था ठीक हो और उसकी जिंदगी ठीक से चले। निम्न वर्ग को समान अवसर, त्वरित सेवाएं, कल्याणकारी योजनाओं की आवश्कता है। इसके लिए हमें एक टीमवर्क में काम करना होगा। नौकरशाह चूंकि सत्ता की कुंजी होते है। इसलिए इन्हें जनहित में एक सेवक के रूप में सेवा करने के लिए अपनी कुंजी का इस्तेमाल करना चाहिए।
आने वाले समय में दिखेगा हरियाणा का लिंगानुपात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 22 जनवरी, 2015 को पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। उस समय हरियाणा सरकार के लिए यह एक चुनौती थी, लेकिन सरकारी प्रयासों व लोगों के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाया गया और उन्हें खुशी है कि हरियाणा ने देश को लिंगानुपात सुधार में एक दिशा दी है। आज के हरियाणा में लिंगानुपात सुधार के परिणाम 15-20 वर्ष बाद देखने को मिलेंगे।