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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Toll Plaza Charges Review, Part-2

टोल की टीसः बाईपास के कारण दो गुना फीस

Tue, 01 Jul 2014 09:32 AM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 01 Jul 2014 09:32 AM IST
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Haryana Toll Plaza Charges Review, Part-2

केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने 2008 की टोल नीति थी कि जिन नेशनल हाईवे पर यातायात सुचारू रूप से चलाने के लिए बाईपास का निर्माण करना पड़ेगा, वहां टोल लगभग दोगुना लगेगा।

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इस टोल नीति के तहत हरियाणा में आधे टोल प्लाजों पर टोल वसूला जा रहा है। दो साल बाद 2010 में केंद्र ने 2008 की नीति को संशोधित किया और बाईपास के लिए टोल दर काफी कम कर दी।
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2008 की नीति के तहत अपग्रेड हुए हाईवे (पानीपत-रोहतक-रेवाड़ी) पर वाहनों से टोल फीस 2008 की नीति के तहत ही लिया जाएगा।  उन्हें 2010 की नीति के तहत छूट नहीं मिलेगी।
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2008 की नीति के अनुसार ये है फीस

Haryana Toll Plaza Charges Review, Part-2

मंत्रालय की 2008 टोल नीति के अनुसार कार, जीप, वैन या लाइट मोटर व्हीकल के लिए 65 पैसे, लाइट कामर्शियल व्हीकल से 105 पैसे, बस या ट्रक से 220 पैसे, हैवी कंस्ट्रक्शन मशीनरी से 345 पैसे, ओवरसाइज व्हीकल से 420 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल का बेस रेट तय किया गया था।

इसके अतिरिक्त 10 से 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बाईपास, पुल या टनल के लिए अलग से कार, जीप, वैन से 5 रुपये, लाइट कामर्शियल व्हीकल से 7.50 रुपये, ट्रक या बस से 15 रुपये, हैवी मशीनरी से 22 रुपये और ओवरसाइज व्हीकल से 30 रुपये प्रति किलोमीटर अतिरिक्त टोल बेस रेट तय कर रखा है।

अगर बाईपास की लागत 15 करोड़ से ज्यादा बढ़ जाती है तो हर पांच करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत पर डेढ़ रुपये से नौ रुपये प्रति किलोमीटर अतिरिक्त टोल देना पड़ता है।

वहीं 2010 की नीति में लिखा गया है कि अगर बाईपास की लागत 10 करोड़ रुपये तक है तो टोल दर वही रहेगी जो सड़क पर चलते समय वसूली जाती है। अगर लागत 10 करोड़ रुपये से ज्यादा हुई तो टोल दर सड़क पर चलने के बदले वसूली जाने वाली दर से डेढ़ गुना होगी।

पानीपत से रेवाड़ी : 2008 की नीति से टोल

Haryana Toll Plaza Charges Review, Part-2

पानीपत से रोहतक और रोहतक से रेवाड़ी नेशनल हाईवे को 2008 की नीति के तहत चार लेन बनाया गया है। इस नेशनल हाईवे पर कई स्थानों पर बाईपास भी बनाए गए हैं। ऐसे में बाईपास के बदले काफी ज्यादा टोल देना पड़ रहा है।

जब से यह टोल लगना शुरू हुआ है तब से स्थानीय लोग इसका डटकर विरोध कर रहे हैं। वे टोल हटाओ संघर्ष समिति के बैनर तले टोल समाप्त करवाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उनके दबाव में हरियाणा सरकार टोल कम करने पर विचार कर रही है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी कह चुके हैं कि 2008 की नीति के तहत टोल काफी ज्यादा वसूला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि 2008 की टोल नीति के अनुसार एक किलोमीटर पर 2.28 रुपये टोल फीस वसूली जा रही है।

केंद्र ने 2010 की नीति में बाईपास की शर्त हटा दी। इससे प्रति किलोमीटर टोल फीस 1.17 रुपये बन गई। हरियाणा के अधिकारियों ने पिछले सप्ताह केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी के सामने भी ज्यादा टोल वसूले जाने का मामला उठाया था।

स्टेट रोड और टोल के बारे में तथ्य

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हरियाणा सरकार भी अपनी सड़कों (स्टेट रोड) पर 27 स्थानों पर टोल वसूलती है। सरकार ने टोल नीति बना रखी है और एक अप्रैल, 2012 से उसी टोल नीति के तहत टोल वसूल रही है।

गुड़गांव-सोहना सड़क पर टोल की दर ज्यादा तय कर रखी है। ट्रक, बस, मिनी बस से 300 रुपये, मैक्सी कैब से 20 रुपये, जीप, टाटा पिक अप जैसे वाहनों से 50 रुपये और 10 टायरों से ज्यादा वाले वाहन से 450 रुपये वसूले जाते हैं।

अन्य 26 टोल प्लाजों पर ट्रक-बस से 200 रुपये, मैक्सी कैब से 20, टाटा पिकअप जैसे वाहनों से 50 और 10 टायरों से ज्यादा वाले वाहन से 300 रुपये वसूले जाते हैं।

सिंगल रोड लेकिन टोल 20 से 200 रुपये

Haryana Toll Plaza Charges Review, Part-2

शाहबाद स्टेट हाईवे स्थित दीनारपुर टोल प्लाजा की हालत ऐसी कि अकसर वाहन चालकों और टोल प्लाजा के कारिंदों की इसी पर बहस हो जाती है। लेकिन टोल देना ही पड़ता है।

यहां प्राइवेट वाहन को टोल से छूट है लेकिन कामर्शियल वाहन बिना पर्ची कटाए नहीं आ जा सकते। राजस्थान नंबर के ट्रक का चालक शमशेर सिंह नाके पर रुका। सवाल था, ‘भई किस बात का टोल? ये कोई नेशनल हाईवे है क्या?’

टोल प्लाजा का कारिंदा बोला, ‘हरियाणा सरकार ने अपना टोल लगा रखा है। पर्ची कटाकर ही आगे जाना होगा।’ ट्रक चालक कुछ बड़बड़ाया और पांच सौ का नोट कारिंदे को पकड़ा दिया। कारिंदे ने 200 रुपये की पर्ची काटी और बाकी पैसे लौटा दिए।

उत्तराखंड टूर पर जा रही एक प्राइवेट बस के भी ब्रेक भी टोल पर लगे। कारिंदे ने दो सौ रुपये की पचीं कटवाने को कहा। ड्राइवर ने बहस करने की कोशिश की लेकिन मजबूरन वह भी दो सौ रुपये दिए और आगे बढ़ गया।

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