Haryana: चार साल पुराने गबन के मामले में छह अभियंता निलंबित, सीएम ने केस दर्ज करने के आदेश दिए
मुख्यमंत्री ने चेताया कि है किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं किया जाएगा। चार वर्ष पहले सीएम विंडो पर इन दोषी अधिकारियों के विरूद्ध गबन के मामले की दो शिकायतें प्राप्त हुई थी। आरोपों की पूर्ण रूप से जांच में उनको दोषी पाया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार ने सख्त रवैया अपनाते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार ने शहरी स्थानीय विभाग के छह अभियंताओं को चार वर्ष पुराने गबन के मामलों में निलंबित किया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने इनके विरूद्ध एफआरआई करने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने चेताया कि है किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं किया जाएगा। चार वर्ष पहले सीएम विंडो पर इन दोषी अधिकारियों के विरूद्ध गबन के मामले की दो शिकायतें प्राप्त हुई थी। आरोपों की पूर्ण रूप से जांच में उनको दोषी पाया गया। इन अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच में भी सख्त कार्यवाही करने की सिफारिश करके एक पुख्ता उदाहरण प्रस्तुत किया गया। विभागीय जांच की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि न केवल इन अधिकारियों को निलंबित किया जाए, बल्कि इनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज करवाई जाए।
नियमों के खिलाफ किया भुगतान, चार अभियंता नपे
वर्ष 2017 में सीएम विंडो पर जिला नूंह में पालड़ी रोड से मदर प्राइड स्कूल तक अनाधिकृत क्षेत्र में मिट्टी भराई के कार्य के 50000 रुपये से पांच लाख रुपये तक के मूल अनुमानों में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। इन अनुमानों को सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के बिना संशोधित कर दिया गया। निर्धारित नियमों व प्रावधानों की अवेहलना कर पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया। बाद में इस शिकायत को जिला उपायुक्त, नूंह को भेजा गया।
जिला उपायुक्त ने इस अवधि के दौरान कार्यरत रहे पंचायती राज संस्थान से प्रतिनियुक्ति पर आए कनिष्ठ अभियंता जसमीर, निगम अभियंता जावेद हुसैन (अब नगर परिषद नूंह में तैनात), कनिष्ठ अभियंता राजेश दलाल (अब नगर पालिका सांपला में तैनात) और निगम अभियंता लक्ष्मी चंद राघव (अब नगर निगम करनाल में सहायक अभियंता के पद पर तैनात) के विरूद्ध उचित कार्यवाही करने की सिफारिश की गई है।
तिथि से पहले ही खोल दी टैक्निकल बिड
वर्ष 2018 में बवानीखेड़ा शहर की मुख्य सड़क पर गलियों की लाईटें लगाने के संबंध में 99.73 लाख रुपये के कार्य के टेंडर में उचित प्रक्रिया को नहीं अपनाने का आरोप था। इसमें टैक्निकल बिड से संबंधित दस्तावेजों की कॉपी ऑनलाइन टैक्निकल बिड खोलने की तिथि 9 अप्रैल, 2018 के बजाय 6 अप्रैल, 2018 को ही प्राप्त कर ली गई। अतिरिक्त उपायुक्त, भिवानी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि प्रारंभिक स्तर पर टेंडर प्रक्रिया के नियमों का पालन नहीं किया गया है। इसके लिए नगर अभियंता पंकज ढांडा (अब नगर निगम यमुनानगर में सहायक अभियंता के पद पर तैनात) और नगरपालिका बवानीखेड़ा के तत्कालीन अभियंता (अब नगर निगम, हिसार में कार्यरत) को दोषी पाया गया है।